‘ मेरा काम अभी खत्म नहीं हुआ है ’
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी इन दिनों अमेरिका में इलाज करा रहे हैं। इसी बीच उन्होंने अपनी आंख की एक तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा करते हुए एक संदेश पोस्ट किया है, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। तस्वीर के साथ अभिषेक ने लिखा, “यह निशान उस स्थिति को बयां करता है जिससे मैं गुजर रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने संकेत दिया कि उनका संघर्ष अभी जारी है और उन्होंने हार नहीं मानी है।
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक 4 सितंबर की दोपहर भारतीय समय के अनुसार अमेरिका पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने जॉन्स हॉपकिन्स अस्पताल में इलाज शुरू कराया। इससे पहले भी उनकी आंख की सर्जरी इसी अस्पताल में हो चुकी है। इस बार भी आंख से जुड़ी समस्या के उपचार के लिए वह अमेरिका गए हैं।
अपनी पोस्ट में अभिषेक ने चोट, संघर्ष और आगे की लड़ाई का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उनकी आंख पर दिखाई दे रहा निशान उस स्थिति का प्रमाण है, जिससे वह गुजर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह संदेश भी दिया कि “मेरा काम अभी खत्म नहीं हुआ है।” हालांकि, पोस्ट में उन्होंने किसी राजनीतिक घटनाक्रम या व्यक्ति का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया।
अभिषेक के अमेरिका जाने के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई घटनाक्रम भी सामने आए हैं। उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पहले भी राजनीतिक विवाद होता रहा है। विदेश यात्रा को लेकर भी उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था।
इसी बीच सालबोनी जमीन मामले में उनके निजी सहायक सुमित रॉय को लेकर भी घटनाक्रम तेज हुआ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुमित रॉय को मिली सुरक्षा हटाए जाने के बाद CID ने उन्हें गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच से जुड़े अधिकारियों ने कालीघाट इलाके में अभिषेक के आवास के पास स्थित एक फ्लैट में तलाशी अभियान चलाया।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के भीतर चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद जारी है। कालीघाट स्थित पार्टी नेतृत्व से जुड़े गुट और रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के बीच चुनाव चिह्न को लेकर दावा किया जा रहा है। इस मामले में चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है।
ऐसे समय में अमेरिका से अभिषेक की आंख की तस्वीर और “मेरा काम अभी खत्म नहीं हुआ है” जैसे संदेश ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, अभिषेक ने अपनी पोस्ट में इसके राजनीतिक संदर्भ को स्पष्ट नहीं किया है।
































