जनगणना में किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत एक हजार रुपये जुर्माना एवं तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में उत्तरदाता एवं प्रगणक के लिए दंड का एक समान प्रावधान है, जबकि जनगणना में प्राप्त तथ्यों को कोई प्रगणक बाहर साझा करता है तो आरोप साबित होने पर भी दंड का प्रावधान है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार आने के बाद जनगणना का काम शीघ्र शुरू होने जा रहा है। इतना याद रखिए की अगर आपने तथ्यों को छिपाया तो जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है।
मुख्य मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है की यहाँ जनगणना होगी। उल्लेखनीय है कि इसके पहले टीएमसी सरकार ने जनगणना नहीं करने का फ़ैसला किया था।

























