नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने घर खरीदारों से ठगी और बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ा खुलासा किया है। CBI ने इस मामले में M/s AVJ Developers (India) Pvt. Ltd., M/s AVJ Developers Pvt. Ltd., M/s Kesar Builders Pvt. Ltd., इनके निदेशकों, बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक और UCO बैंक के कुछ अधिकारियों तथा फर्जी/प्रॉक्सी होमबायर्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
CBI जांच में सामने आया कि बिल्डर कंपनियों और उनके निदेशकों ने बैंक अधिकारियों व अन्य निजी व्यक्तियों के साथ साजिश कर घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे आश्वासन और फर्जी वादों के जरिए गुमराह किया। आरोप है कि अवैध और धोखाधड़ीपूर्ण तरीकों से वित्तीय लाभ हासिल किया गया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ बैंक अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों की अनदेखी कर बिल्डर कंपनियों को अनुचित आर्थिक फायदा पहुंचाया, जिससे बैंकों और आम होमबायर्स को भारी नुकसान हुआ।
CBI के अनुसार, कुछ निजी व्यक्तियों ने फर्जी या प्रॉक्सी होमबायर बनकर बिल्डर के साथ मिलकर बैंकों से होम लोन हासिल किए। इन लोगों ने गलत जानकारी देकर लोन मंजूर करवाए, जिससे बिल्डर कंपनियों को फायदा पहुंचा।
जांच एजेंसी ने बताया कि M/s Kesar Builders Pvt. Ltd., मुख्य बिल्डर कंपनी की सहयोगी संस्था थी, जिसका इस्तेमाल फंड्स को इधर-उधर करने के लिए किया गया।
CBI ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोपों में चार्जशीट दाखिल की है।
CBI ने कहा कि जांच में बड़े स्तर पर साजिश, फंड्स के दुरुपयोग और होमबायर्स के साथ धोखाधड़ी के पर्याप्त सबूत मिले हैं।
एजेंसी फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर देशभर में विभिन्न बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 50 मामलों की जांच कर रही है। इससे पहले रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस, ड्रीम प्रोकोन और जयपी इंफ्राटेक से जुड़े मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
CBI ने कहा कि आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और आम नागरिकों को प्रभावित करने वाले धोखाधड़ी मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

























