कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), पश्चिम बंगाल को तीन अलग-अलग शिकायतें भेजकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राज्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) उल्लंघन, मतदाता डराने और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया है।
🔴 बीजेपी की तीन बड़ी शिकायतें
1️⃣ ढाकुरिया ब्रिज पर TMC झंडे लगाने का आरोप
बीजेपी ने शिकायत में कहा कि राशबेहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ढाकुरिया ब्रिज और आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में TMC के झंडे और राजनीतिक सामग्री लगाई गई है।
पार्टी का आरोप है कि यह सार्वजनिक संपत्ति का राजनीतिक उपयोग है और मतदान केंद्रों के आसपास ऐसा प्रचार चुनाव नियमों का उल्लंघन है।
बीजेपी ने चुनाव आयोग से तत्काल हटाने की मांग की है।
2️⃣ WBPSC भर्ती विज्ञापन पर सवाल
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग (WBPSC) द्वारा Miscellaneous Services Recruitment Examination 2024 से जुड़े नए विज्ञापन पर भी आपत्ति जताई है।
बीजेपी का आरोप है कि चुनाव के बीच भर्ती प्रक्रिया शुरू कर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने इसे सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल बताया।
बीजेपी ने मांग की है कि इस भर्ती प्रक्रिया को चुनाव खत्म होने तक रोका जाए।
3️⃣ ‘मस्तान वाहिनी’ से मतदाता डराने का आरोप
बीजेपी ने सबसे गंभीर शिकायत में आरोप लगाया कि TMC समर्थकों की बाइक गैंग, जिसे पार्टी ने “मस्तान वाहिनी” कहा, राज्यभर में घूमकर मतदाताओं और विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने का काम कर रही है।
शिकायत में कहा गया है कि यह गैंग संवेदनशील इलाकों में घूमकर माहौल खराब कर रही है।
बीजेपी ने मांग की है:
- बाइक मूवमेंट पर सख्ती
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए
- QRT टीम सक्रिय हो
- CCTV निगरानी बढ़े
- शिकायत नंबर सार्वजनिक हों
🗳️ दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होना है। ऐसे में चुनावी माहौल गरमा गया है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
📌 अब नजर चुनाव आयोग पर
बीजेपी की लगातार शिकायतों के बाद अब सभी की नजर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी है। आयोग इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है, यह चुनावी माहौल पर असर डाल सकता है।

























