कोलकाता : कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के वार्डों के परिसीमन यानी वार्ड पुनर्गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने अंतरिम राहत की मांग खारिज कर दी, हालांकि मामले को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। फिलहाल परिसीमन प्रक्रिया पर रोक नहीं होने के कारण नगर निगम चुनाव की तैयारियों में कोई तत्काल कानूनी बाधा नहीं है।
अदालत ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर यह स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं। याचिकाकर्ताओं को इसके जवाब में चार सप्ताह के भीतर अपना हलफनामा दाखिल करना होगा। इसके बाद छह सप्ताह के अंतराल पर मामले की अगली सुनवाई होगी।
परिसीमन प्रक्रिया के अंतिम चरण में याचिका पर अदालत के सवाल
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने याचिकाकर्ताओं से सवाल किया कि परिसीमन की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी, तो उसके अंतिम चरण में अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाया गया।
अदालत ने यह भी जानना चाहा कि नगर निगम आयुक्त ने वार्ड पुनर्गठन का प्रस्ताव जिस तरीके से भेजा, उसके पीछे कोई निर्धारित नियम या प्रक्रिया थी या नहीं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकासरंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि संबंधित निर्णय सार्वजनिक होने के बाद ही अदालत का रुख किया गया। उन्होंने परिसीमन की प्रक्रिया को कथित तौर पर तर्कहीन बताते हुए सवाल उठाया कि नगर निगम प्रशासक को परिसीमन के संबंध में कदम उठाने का कानूनी अधिकार है या नहीं।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों पर आगे विचार किया जाएगा। अदालत ने फिलहाल परिसीमन पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की है।
तीन सप्ताह में राज्य को देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका की स्वीकार्यता पर अपना पक्ष रखने को कहा है। राज्य को तीन सप्ताह में हलफनामा दाखिल करना होगा, जबकि याचिकाकर्ताओं को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा देना होगा।
छह सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में मामले के कानूनी पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा। इसलिए इस आदेश को परिसीमन प्रक्रिया की अंतिम वैधता पर अदालत का फैसला नहीं माना जा सकता।
फिलहाल अंतरिम रोक नहीं मिलने से चुनाव संबंधी प्रशासनिक तैयारियां आगे बढ़ सकती हैं। हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीख और कार्यक्रम के बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
209 वार्डों में चुनाव की तैयारी, 22,600 कर्मचारियों की जरूरत
कोलकाता नगर निगम के सभी 209 वार्डों में चुनाव कराने की तैयारी चल रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संभावित रूप से 4,711 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की जा सकती है। चुनाव प्रक्रिया के लिए लगभग 22,600 मतदान कर्मचारियों की आवश्यकता का अनुमान है।
राज्य निर्वाचन आयोग तीन नवंबर से मतदान कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में परिसीमन मामले में अंतरिम राहत नहीं मिलने को चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, मतदान केंद्रों की संख्या, कर्मचारियों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित अंतिम विवरण आयोग की आधिकारिक घोषणाओं के अधीन होंगे।
ईवीएम में NOTA बटन नहीं होने की चर्चा
इस नगर निगम चुनाव को लेकर एक और चर्चा ईवीएम में NOTA यानी ‘इनमें से कोई नहीं’ विकल्प को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बार ईवीएम में NOTA बटन नहीं रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद वार्ड परिसीमन पर तत्काल रोक नहीं लगी है। दूसरी ओर, मामले की सुनवाई जारी रहेगी और राज्य तथा याचिकाकर्ताओं के हलफनामों के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया पर विचार करेगी। इसलिए परिसीमन की कानूनी वैधता पर अंतिम स्थिति अगली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
































