दस्तावेज चोरी की कोशिश की CID जांच का भरोसा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। नंदीग्राम विधानसभा सीट छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रखने के फैसले की वजह बताते हुए शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की उम्र अब करीब 75 साल हो गई है और इस उम्र में उन्हें चुनाव लड़ने के बजाय आराम करना चाहिए। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के खेमे की ओर से दस्तावेज छीनने की कोशिश के लगाए गए आरोपों पर उन्होंने जांच का आश्वासन दिया। शुभेंदु ने कहा कि यदि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है, तो जांच CID को सौंपी जा सकती है।
बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव में जीतने वाली भाजपा की विधायक हसीरानी रथ और शखरव सरकार ने शपथ ली। इस कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड, नंदीग्राम सीट छोड़ने के फैसले, रेजिनगर में भाजपा की जीत और दस्तावेज चोरी की कथित कोशिश समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
‘इस उम्र में चुनाव लड़ने के बजाय आराम करना चाहिए’
शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। भवानीपुर में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम छोड़ दिया।
बुधवार को विधानसभा में उन्होंने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि यदि वह भवानीपुर सीट छोड़ देते, तो ममता बनर्जी को वहां दोबारा चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता था।
ममता बनर्जी का नाम लिए बिना शुभेंदु ने कहा, “अगर मैं भवानीपुर छोड़ देता, तो जो नेता मुझसे दो बार हार चुकी हैं, उन्हें फिर से चुनाव लड़ने का मौका मिल जाता। उन्हें यह अवसर नहीं देना ही बेहतर था। उनकी उम्र काफी हो गई है, करीब 75 साल। इस उम्र में आराम करना चाहिए और चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।”
दस्तावेज छीनने की कोशिश के आरोप पर CID जांच का भरोसा
विधानसभा में बुधवार को ऋतब्रत बनर्जी भी मौजूद थे। उन्होंने नवनिर्वाचित विधायकों हसीरानी रथ और शखरव सरकार को बधाई दी। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने ऋतब्रत के खेमे की ओर से दस्तावेज छीनने की कोशिश के लगाए गए आरोपों का जिक्र किया।
शुभेंदु ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच आपसी संघर्ष हो सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऋतब्रत और उनके सहयोगी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराते हैं, तो जांच CID को सौंपी जा सकती है।
उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। उसमें आरोप लगाया गया है कि उनके दस्तावेज छीनने की कोशिश हुई। अगर आप लोग प्राथमिकी दर्ज कराते हैं, तो हम यह मामला CID को दे देंगे।”
हालांकि, यह जांच शुरू होने या आरोपों के साबित होने की घोषणा नहीं थी। शुभेंदु ने प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति में जांच CID को सौंपने का आश्वासन दिया।
दिल्ली जा रहे दस्तावेजों को लेकर क्या है विवाद?
ऋतब्रत बनर्जी ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर दस्तावेज छीनने की कोशिश का आरोप लगाया था। उनके खेमे के अनुसार, संबंधित हलफनामे रविवार शाम तक चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंच चुके थे, जबकि उनके पास आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण दस्तावेज सड़क मार्ग से भेजे गए थे।
आरोप है कि सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे दस्तावेज ले जा रहे ट्रक पर हमला किया गया और कुछ लोगों ने कागजात छीनने की कोशिश की। ऋतब्रत के खेमे ने इस घटना के पीछे ममता बनर्जी समर्थक कालीघाट खेमे का हाथ होने का संदेह जताया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने, जांच शुरू होने और जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रेजिनगर में भाजपा की जीत का भी किया जिक्र
विधानसभा में अपने भाषण के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने रेजिनगर उपचुनाव में भाजपा की जीत का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अल्पसंख्यक मतदाताओं ने भी पार्टी का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि पहले अल्पसंख्यक समुदाय को भाजपा से दूर रखने की कोशिश की जाती थी, लेकिन रेजिनगर के नतीजों ने इस धारणा को चुनौती दी है। उनके मुताबिक, सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाली मुस्लिम महिलाओं ने भी भाजपा को वोट दिया।
शुभेंदु ने राज्य सरकार के पिछले छह महीने के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा, “आपने छह महीने में जो देखा है, वह सुबह की चाय और बिस्कुट की तरह है। अभी नाश्ता बाकी है, उसके बाद दोपहर का भोजन भी बाकी है।”
इस बयान के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार आने वाले समय में और कदम उठाने की तैयारी में है।
































