‘ कालीघाट या कैमक स्ट्रीट, 2 करोड़ की सुपारी किसने दी ? ’
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में चंद्रनाथ रथ हत्याकांड को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार को नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव में जीतने वाले भाजपा के दो विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने इस हत्याकांड का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि उनके पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि हत्या के लिए कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की सुपारी किसने दी थी। उन्होंने कैमक स्ट्रीट, डायमंड हार्बर और कालीघाट का जिक्र करते हुए जांच में इस पहलू के स्पष्ट होने की बात कही। हालांकि, सुपारी देने को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधानसभा में हसीरानी रथ और शखरव सरकार ने ली शपथ
बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव में विजयी भाजपा उम्मीदवारों हसीरानी रथ और शखरव सरकार ने औपचारिक रूप से विधायक पद की शपथ ली। विधानसभा अध्यक्ष की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उन्होंने राज्य की राजनीतिक स्थिति, विपक्ष की भूमिका और चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले को लेकर अपनी बात रखी। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस हत्याकांड को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड : दो करोड़ रुपये की सुपारी का दावा
हसीरानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी थे। उनकी हत्या का जिक्र करते हुए शुभेंदु ने कहा कि उनके साथ काम करने की वजह से चंद्रनाथ को बेरहमी से मार दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, उनके मुताबिक जांच में अभी यह पता लगाना बाकी है कि हत्या के लिए कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की सुपारी किसने दी थी।
शुभेंदु ने सवाल उठाया कि कथित सुपारी कैमक स्ट्रीट से दी गई थी, डायमंड हार्बर से या कालीघाट से। उन्होंने कहा कि इस पहलू का खुलासा होने पर मामले की जांच की तस्वीर स्पष्ट होगी।
भवानीपुर की जगह नंदीग्राम क्यों चुना? शुभेंदु ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी बताया कि उन्होंने भवानीपुर सीट छोड़ने के बजाय नंदीग्राम को क्यों चुना था। इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा।
शुभेंदु ने कहा कि अगर वह अपनी सीट छोड़ देते, तो ममता बनर्जी को फिर से उपचुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता था। उन्होंने अपनी टिप्पणी में ममता बनर्जी की उम्र का भी जिक्र किया और कहा कि अब उन्हें आराम करना चाहिए।
उनका यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नंदीग्राम और रेजिनगर में जीत का हवाला देकर विपक्ष पर हमला
दोनों विधानसभा उपचुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नंदीग्राम में विपक्ष मतदान से पहले ही मुकाबले से पीछे हट गया था। वहीं, रेजिनगर में विपक्ष अपनी जमानत तक नहीं बचा पाया।
ये टिप्पणियां उपचुनाव के नतीजों को लेकर शुभेंदु के राजनीतिक आकलन को दर्शाती हैं। उनके बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और चुनावी नतीजों से जुड़े विस्तृत आंकड़े इस खबर में उपलब्ध नहीं हैं।
रेजिनगर के नतीजों से भाजपा की छवि पर शुभेंदु का जवाब
भाजपा को सांप्रदायिक पार्टी बताए जाने की आलोचना का जवाब देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने रेजिनगर उपचुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भी भाजपा उम्मीदवार शखरव सरकार को समर्थन मिला।
शुभेंदु के मुताबिक, लगभग 300 मतदान केंद्रों में से करीब 100 केंद्र सनातनी बहुल थे, जबकि बाकी केंद्रों पर अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक थी। उन्होंने दावा किया कि इन इलाकों में भी भाजपा उम्मीदवार को बढ़त मिली और कुल बढ़त 75 हजार से अधिक रही।
उन्होंने अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ पाने वाली मुस्लिम महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनमें से कुछ ने भी भाजपा को वोट दिया। शुभेंदु ने कहा कि भाजपा के नेता सनातनी और हिंदू हैं, लेकिन सरकार चलाने के लिए पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी लोगों के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।































