नई दिल्ली : देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ धनतेरस और दिवाली की तैयारियां तेज हो गई हैं। हर साल इन त्योहारों पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों की परंपरा रही है, लेकिन इस बार सोने की ऊंची कीमतें ग्राहकों के बजट पर असर डाल सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगे सोने के कारण इस त्योहारी सीजन में खरीदारी की मात्रा में कमी देखने को मिल सकती है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी लोगों से सोने की खरीदारी को लेकर अपील की गई है। प्रधानमंत्री की अपील और सोने की ऊंची कीमतों के बीच इस बार त्योहारी सीजन में सोने की मांग को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है।
10 से 12 फीसदी तक घट सकती है बिक्री
हालिया बाजार अनुमानों के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में सोने की बिक्री में करीब 10 से 12 फीसदी तक की कमी आ सकती है। ऊंची कीमतों के साथ-साथ ग्राहकों के बदलते खरीदारी व्यवहार को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
ज्वेलरी बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार, ग्राहक अब पहले की तुलना में कम मात्रा में सोना खरीदने की योजना बना सकते हैं। जो ग्राहक पहले 20-25 ग्राम का आभूषण खरीदने की सोचते थे, वे अब 10-15 ग्राम के हल्के आभूषणों का विकल्प चुन सकते हैं। कुछ ग्राहक कीमतों में संभावित गिरावट का इंतजार करते हुए खरीदारी को टाल भी सकते हैं।
सोने के आयात में भी आई गिरावट
भारत के सोने के आयात के आंकड़े भी बाजार में मांग को लेकर संकेत दे रहे हैं। अगस्त 2026 में भारत का सोना आयात करीब 2.3 अरब डॉलर रहा, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा लगभग 4.16 अरब डॉलर था। यानी एक महीने में सोने के आयात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, आयात में कमी को सीधे तौर पर दिवाली की खुदरा मांग में गिरावट का अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता। धनतेरस और दिवाली के दौरान खुदरा मांग में अचानक तेजी भी देखने को मिल सकती है।
धनतेरस पर बनी रहेगी सोने की परंपरागत मांग
भारत में धनतेरस के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि कीमतें ऊंची होने के बावजूद त्योहार के दौरान सोने की मांग पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।
इस बार ग्राहक भारी आभूषणों के बजाय कम वजन के गहने, सोने के सिक्के और छोटे निवेश विकल्प पसंद कर सकते हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि सोने की कुल मात्रा की बिक्री घटे, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण कुल कारोबार का मूल्य उतनी तेजी से कम न हो।
शादी के सीजन से मिल सकता है सहारा
दिवाली के बाद देश में शादी का सीजन शुरू होगा। ऐसे में ज्वेलरी बाजार को शादी-ब्याह की खरीदारी से अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। शादी के लिए सोना खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कीमत महत्वपूर्ण होने के बावजूद खरीदारी को पूरी तरह टालना हमेशा संभव नहीं होता।
अब बाजार की नजर धनतेरस से पहले सोने की कीमतों के रुख पर है। अगर कीमतों में कुछ नरमी आती है तो ग्राहकों की खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं, यदि कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इस दिवाली सोने की मात्रा के लिहाज से खरीदारी पिछले साल की तुलना में कम रह सकती है।
फिलहाल ज्वेलरी कारोबारियों को धनतेरस और दिवाली की पारंपरिक मांग से उम्मीदें हैं। हालांकि, इस बार महंगा सोना और प्रधानमंत्री की अपील दोनों मिलकर ग्राहकों के खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।






























