फलता के बाद अभिषेक बनर्जी को फिर बड़ा झटका
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला है। Abhishek Banerjee के प्रभाव वाले इलाके डायमंड हार्बर में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को डायमंड हार्बर नगर पालिका के 8 तृणमूल पार्षदों ने भ्रष्टाचार, सत्ता के केंद्रीकरण और कथित “डायमंड हार्बर मॉडल” पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दे दिया।
डायमंड हार्बर नगर पालिका में कुल 16 पार्षद हैं और अब तक सभी तृणमूल कांग्रेस के थे। लेकिन सोमवार को 8 पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी। बताया जा रहा है कि दो और पार्षदों के इस्तीफे को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं, जिससे नगर पालिका बोर्ड के टूटने की आशंका बढ़ गई है।
इस्तीफा देने वालों में वार्ड नंबर 1 के दिव्येंदु हलदार, वार्ड 2 की मंजू मंडल, वार्ड 7 के तमाल हलदार, वार्ड 8 के मृदुल हलदार, वार्ड 9 के स्वपन हलदार, वार्ड 11 के आलोक हलदार, वार्ड 13 के अमित साहा और वार्ड 16 की देवकी हलदार शामिल हैं।
विद्रोही पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से “डायमंड हार्बर मॉडल” के नाम पर इलाके में अराजकता फैलाई गई। उनका दावा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर पुलिस के जरिए दबाव बनाया गया और उत्पीड़न किया गया। पार्षदों ने नगर पालिका की वाइस चेयरमैन राजश्री दास पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माण होते रहे, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक नाराज़ पार्षद ने कहा, “यहां चेयरमैन नहीं, बल्कि पुलिस नगर पालिका चला रही थी।”
इस पूरे घटनाक्रम पर नगर पालिका चेयरमैन प्राणब दास ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए पूरी कोशिश की है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बोर्ड टूट सकता है। प्राणब दास ने कहा, “फिलहाल मैं तृणमूल में हूं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।
फलता उपचुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद डायमंड हार्बर से आए इस नए राजनीतिक संकट को अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

























