6 महीने में रिपोर्ट देने का लक्ष्य
शिक्षक संगठन ने फैसले का किया स्वागत
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। वित्त विभाग की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार आयोग सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, वेतन, भत्तों, पदोन्नति, सेवा शर्तों और पेंशन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगा।
आयोग की संरचना
सरकार ने चार सदस्यीय आयोग का गठन किया है:
अध्यक्ष: अतनु चक्रवर्ती, सेवानिवृत्त IAS, पूर्व सचिव, भारत सरकार (वित्त मंत्रालय)
सदस्य: डॉ. पार्थ मुखोपाध्याय, सीनियर फेलो, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च
सदस्य: डॉ. पार्थ प्रतिम पाल, प्रोफेसर, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), कलकत्ता
सदस्य सचिव: देवी प्रसाद करणम, IAS, सचिव, वित्त विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार
आयोग किन कर्मचारियों के लिए काम करेगा?
आयोग निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा:पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारी (अखिल भारतीय सेवाओं को छोड़कर)राज्य सरकार के अधीन बोर्ड, निगम और वैधानिक संस्थाओं के कर्मचारी, अधिसूचना में शामिल अन्य सरकारी निकायों के कर्मचारी.
आयोग के प्रमुख कार्य
आयोग को निम्नलिखित बिंदुओं पर सिफारिशें देने का दायित्व सौंपा गया है:वेतन संरचना की समीक्षा और संशोधन, महंगाई भत्ता (DA) की नई व्यवस्था पर सुझाव, विभिन्न भत्तों (Allowances) का युक्तिकरण, यात्रा भत्ता (TA) सहित विशेष भत्तों की समीक्षा, वर्तमान कर्मचारियों के लिए नई वेतन निर्धारण (Pay Fixation), पेंशन भोगियों की पेंशन संशोधन व्यवस्था, पदोन्नति नीति (Functional एवं Non-functional Promotion) की समीक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा, कार्य संस्कृति, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने के उपाय, कर्मचारियों को आकर्षित और बनाए रखने के लिए नई सेवा संरचना।
किन बातों को ध्यान में रखेगा आयोग?
आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करते समय इन पहलुओं पर विचार करेगा:केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के वेतन ढांचे, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की वेतन व्यवस्था, राज्य की वित्तीय स्थिति, राज्य के राजस्व और विकास संबंधी प्रतिबद्धताएं, बोर्ड एवं निगमों की आर्थिक क्षमता, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को भी आवश्यकतानुसार ध्यान में रखा जाएगा।
कब आएगी रिपोर्ट?
सरकार ने आयोग से 6 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। आवश्यकता पड़ने पर आयोग अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है और सरकार समय सीमा बढ़ा भी सकती है।
शिक्षक संगठन ने किया स्वागत
बंगीय शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा,”सरकार ने अपने वादे के अनुसार 7वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है। हमें उम्मीद है कि सरकार अपनी घोषणा के अनुरूप इसी वित्त वर्ष के भीतर इसे लागू करेगी। पिछली सरकार के समय कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ जो लंबे समय तक आर्थिक बंचना हुई, वह अब समाप्त होगी। सरकार के इस समयोचित निर्णय का हम स्वागत करते हैं।”






























