4 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम सूची
कोलकाता/नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों में एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानकर विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision–SSR) कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया है। इसके तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने, मौजूदा विवरणों में सुधार कराने और सूची में दर्ज त्रुटियों की जानकारी देने का अवसर मिलेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 11 दिसंबर तक का समय मिलेगा। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
आयोग ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह प्रक्रिया उन राज्यों में लागू होगी जहां अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। अन्य राज्यों में पुनरीक्षण का कार्यक्रम अलग से घोषित किया जा सकता है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण की महत्वपूर्ण तारीखें
निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पुनरीक्षण की प्रमुख समयसीमा इस प्रकार है:
- 2 नवंबर 2026: मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था की समयसीमा।
- 12 नवंबर 2026: मतदाता सूची के एकीकृत प्रारूप का प्रकाशन।
- 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
- 28 दिसंबर 2026 तक: दावों और आपत्तियों का निपटारा।
- 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
मतदाताओं को प्रारूप सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांचने के बाद जरूरत के अनुसार निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करना होगा।
किन लोगों को मिलेगा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका?
विशेष सारांश पुनरीक्षण के दौरान उन पात्र नागरिकों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसमें वे युवा भी शामिल होंगे जो एक जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे या उस तारीख को पात्रता प्राप्त करेंगे।
इसके अलावा, आयोग ने एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 को अर्हता तिथि मानकर पात्र होने वाले संभावित मतदाताओं से अग्रिम आवेदन लेने की व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं। इससे निर्धारित तारीखों पर पात्रता प्राप्त करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने का अवसर मिलेगा।
नाम जोड़ने और सुधार के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या विवरणों में बदलाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए हैं।
- फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए।
- फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर निर्धारित नियमों के तहत आपत्ति दर्ज कराने या संबंधित विलोपन अनुरोध के लिए।
- फॉर्म-8: नाम, पता और अन्य विवरणों में सुधार या निर्धारित परिस्थितियों में स्थानांतरण संबंधी अनुरोध के लिए।
आवेदन करने से पहले मतदाताओं को संबंधित फॉर्म की पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जांच लेनी चाहिए।
मतदान केंद्रों और मतदाता विवरणों की भी होगी जांच
निर्वाचन आयोग ने केवल नए नाम जोड़ने तक प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। इसके तहत मतदान केंद्रों की समीक्षा, मतदाताओं के पते का व्यवस्थित विवरण तैयार करने और मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया है।
निर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नए मतदान केंद्र बनाने या मौजूदा केंद्रों की व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे।
इसके साथ ही मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके लोगों और मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज नामों से जुड़े मामलों की नियमानुसार जांच की जाएगी। आयोग का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करना और रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना है।
आधार कार्ड देना अनिवार्य नहीं
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान आधार नंबर उपलब्ध कराने को स्वैच्छिक रखा गया है। केवल आधार नंबर नहीं देने के कारण किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने का आवेदन अस्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी तरह, आधार नंबर उपलब्ध नहीं कराने को किसी मतदाता का नाम सूची से हटाने का आधार भी नहीं बनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के मतदाता अभी क्या करें?
पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्हें प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम, पता और अन्य विवरण ध्यान से जांचने चाहिए। यदि नाम गायब है या किसी जानकारी में गलती है, तो निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित आवेदन किया जा सकता है।
मतदाता निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर अपनी जानकारी जांच सकते हैं और पंजीकरण या सुधार से संबंधित निर्देश प्राप्त कर सकते हैं।
समयसीमा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए निर्धारित अवधि 11 दिसंबर 2026 तक है। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जानी है।































