बंगाल के 6 नगर निगमों में ब्याज और जुर्माना 100% माफ
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। राज्य के छह नगर निगमों में बकाया संपत्ति कर पर जमा ब्याज और जुर्माने को 100 फीसदी तक माफ करने की योजना शुरू की गई है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से एक ओर आम लोगों को पुराने टैक्स का बोझ कम करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नगर निकायों को लंबे समय से अटके राजस्व की वसूली भी हो सकेगी।
राज्य के शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद West Bengal Municipal Corporation Incentive Scheme 2026 लागू की है। यह योजना बिधाननगर, हावड़ा, चंदननगर, दुर्गापुर, आसनसोल और सिलीगुड़ी नगर निगमों के लिए लागू की गई है। योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक जारी किए गए बकाया प्रॉपर्टी टैक्स बिलों का भुगतान करने वाले करदाताओं को राहत दी जाएगी।
ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी तक छूट
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लंबे समय से बकाया संपत्ति कर पर लगने वाले ब्याज और पेनल्टी को पूरी तरह माफ किया जा सकता है। यानी जिन लोगों पर वर्षों से टैक्स बकाया है, उन्हें मूल राशि के साथ जमा हुए अतिरिक्त ब्याज और जुर्माने के भुगतान से राहत मिल सकती है।
हालांकि, योजना के तहत केवल आवासीय संपत्तियों के लिए बकाया मूल प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 फीसदी की अतिरिक्त छूट का भी प्रावधान है। यह राहत आवासीय भवनों के लिए लागू होगी।
किस तरह की संपत्तियां होंगी शामिल?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ सिर्फ मकान मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के मालिकों या प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने के लिए जिम्मेदार लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।
इसका मतलब है कि जिन संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स बकाया है, उनके मामले में करदाता राहत योजना का इस्तेमाल कर पुराने बकाये का निपटारा कर सकते हैं।
नगर निगमों को भी फायदा
राज्य सरकार का यह फैसला केवल करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से नहीं है। नगर निगमों के सामने लंबे समय से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में सरकार का मानना है कि ब्याज और जुर्माने में राहत देकर लोगों को मूल बकाया राशि जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
इससे नगर निगमों के पास लंबे समय से अटकी रकम वापस आ सकती है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, करदाताओं को रियायत देने और नगर निकायों के राजस्व में बढ़ोतरी—दोनों उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह योजना तैयार की गई है।
हावड़ा के लिए अलग अधिसूचना
हावड़ा नगर निगम के लिए सरकार ने अलग से Howrah Municipal Corporation Incentive (Waiver of Interest & Penalty to the Property Tax Payers) Scheme 2026 जारी की है। हावड़ा नगर निगम ने पहले ही बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज और जुर्माने में राहत देने की योजना का प्रस्ताव सरकार को भेजा था।
कोलकाता नगर निगम को अलग अधिसूचना की जरूरत नहीं
इस योजना में फिलहाल कोलकाता नगर निगम को शामिल करने के लिए शहरी विकास विभाग की ओर से अलग अधिसूचना जारी करने की जरूरत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, KMC Act के तहत कोलकाता नगर निगम को अपने स्तर पर प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देने का अधिकार प्राप्त है।
यह योजना ऐसे समय में लाई गई है जब राज्य के कई नगर निगमों में चुनाव की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। सरकार के इस कदम से बकाया टैक्स की वसूली तेज होने के साथ नगर निकायों की वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।






























