बंद बागान 10 दिन में खोलने के निर्देश
सिलीगुड़ी : दुर्गापूजा से पहले उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए सरकार ने बड़ा निर्देश जारी किया है। चाय श्रमिकों के बोनस और लंबे समय से बंद पड़े चाय बागानों को फिर से खोलने को लेकर शुक्रवार को सिलीगुड़ी के डागापुर स्थित श्रमिक भवन में अहम बैठक हुई। बैठक में 5 अक्टूबर तक चाय श्रमिकों को 20 प्रतिशत बोनस का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने बंद पड़े चाय बागानों को अगले 10 दिनों के भीतर खोलने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में बागान नहीं खुलने पर सरकार ने आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
5 अक्टूबर तक 20 प्रतिशत बोनस का भुगतान
बैठक में चाय बागान प्रबंधन और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि पूजा से पहले श्रमिकों को उनका बोनस मिलना चाहिए। सरकार की ओर से 20 प्रतिशत बोनस का भुगतान 5 अक्टूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में चाय बागानों की मौजूदा स्थिति, श्रमिकों की समस्याओं और बोनस भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने कहा कि चाय उद्योग और श्रमिकों से जुड़े मामलों को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार काम किया जा रहा है।
बंद चाय बागान 10 दिन में खोलने का निर्देश
बैठक में बंद पड़े चाय बागानों को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया। निर्देश दिया गया कि अगले 10 दिनों के भीतर बंद चाय बागानों को दोबारा शुरू किया जाए।
सरकार ने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा में बागान नहीं खुलने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार इन बागानों को किसी अन्य उपयुक्त संस्था को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है।
उत्तर बंगाल में करीब 25-30 बागान बंद
बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल उत्तर बंगाल में करीब 25 से 30 चाय बागान बंद हैं। इन बागानों के बंद होने से बड़ी संख्या में श्रमिकों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने बैठक में दावा किया कि बंद चाय बागानों के कारण करीब 70 हजार से 80 हजार चाय श्रमिक और उनके परिवार सीधे तौर पर संकट का सामना कर रहे हैं।
श्रमिक भवन में हुई अहम बैठक
डागापुर कॉम्प्लेक्स स्थित श्रमिक भवन के कॉन्फ्रेंस रूम में हुई बैठक में राज्य के श्रम एवं परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, सांसद जयंत रॉय, सांसद मनोज तिग्गा, राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन और विशाल लामा समेत श्रम विभाग के अधिकारी और चाय बागान प्रबंधन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में मुख्य रूप से चाय श्रमिकों का बोनस, बंद बागानों को दोबारा शुरू करना और चाय उद्योग से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई।
पूजा से पहले सरकार का फोकस
दुर्गापूजा से पहले बोनस भुगतान चाय श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार की ओर से 20 प्रतिशत बोनस के लिए तय समय-सीमा ने इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
वहीं, बंद बागानों को दोबारा शुरू करने के लिए 10 दिन की समय-सीमा तय किए जाने से उत्तर बंगाल के चाय उद्योग में सरकार की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिले हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित समय के भीतर कितने बंद बागान दोबारा खुलते हैं और श्रमिकों को बोनस का भुगतान किस तरह पूरा किया जाता है।































