घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के साउथ पॉइंट स्कूल में कक्षा के अंदर नौवीं के एक छात्र द्वारा अपने सहपाठी पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना पर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने चिंता जताई है। उन्होंने बच्चों की बदलती मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझने के लिए समाजशास्त्रियों और विशेषज्ञों से सलाह लेने की जरूरत बताई है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामूली विवाद के बाद किसी छात्र का अपने सहपाठी पर चाकू से हमला कर देना बेहद चिंताजनक है। इस तरह की घटनाओं को केवल स्कूल प्रशासन की समस्या मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। बच्चों के व्यवहार में बढ़ती आक्रामकता के कारणों को समझने के लिए व्यापक स्तर पर विचार करने की जरूरत है।
मामूली विवाद के बाद क्लासरूम में हमला
जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर साउथ पॉइंट स्कूल की कक्षा में नौवीं के दो छात्रों के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक छात्र की किताब फाड़े जाने को लेकर हुई थी। इसी बात पर दोनों सहपाठियों के बीच बहस बढ़ गई।
आरोप है कि बहस के दौरान एक छात्र ने अपने बैग से धारदार चाकू निकाला और दूसरे छात्र की गर्दन तथा हाथ पर वार कर दिया। घटना के समय कक्षा में शिक्षक भी मौजूद थे। हमले में घायल छात्र खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घायल छात्र को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसकी सर्जरी की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
‘बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर विचार करना होगा’
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा कि बच्चों के बीच किताब फटने जैसी सामान्य बात को लेकर विवाद होना असामान्य नहीं है, लेकिन ऐसे विवाद का हिंसक रूप ले लेना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने बच्चों की मानसिक स्थिति और उनके व्यवहार में बढ़ती आक्रामकता के कारणों को समझने पर जोर दिया। मंत्री के मुताबिक, इस विषय पर स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समाजशास्त्रियों और बाल मनोविज्ञान के विशेषज्ञों को भी अपनी राय देनी चाहिए, ताकि समस्या को समझकर उचित कदम उठाए जा सकें।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी छात्र से पूछताछ
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस स्कूल पहुंची और जांच शुरू की। स्कूल प्रबंधन की लिखित शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद आरोपी छात्र को कक्षा से अलग किया गया और उसकी काउंसलिंग कराई गई। उसके अभिभावकों को भी सूचना दी गई।
पुलिस और स्कूल प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि करीब 15 वर्ष का छात्र धारदार हथियार लेकर स्कूल कैसे पहुंचा। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों छात्रों के बीच पहले से कोई विवाद था या फिर मामूली कहासुनी के दौरान ही स्थिति इतनी गंभीर हो गई।
स्कूलों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
क्लासरूम के भीतर इस तरह की घटना होने से स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर यह जांचना जरूरी माना जा रहा है कि छात्र अपने बैग में धारदार हथियार लेकर परिसर में कैसे दाखिल हुआ और उसे रोकने के लिए क्या व्यवस्था थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, शिक्षा मंत्री की टिप्पणी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, आपसी विवादों को संभालने के तरीके और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की जरूरत को सामने रखा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।































