कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। नंदीग्राम के साथ अल्पसंख्यक बहुल रेजिनगर सीट पर भी बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है। रेजिनगर से बीजेपी उम्मीदवार शखरव सरकार ने 75,691 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का आभार जताया। उन्होंने दावा किया कि हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों के लोगों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लंबे समय से वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के बीच यह डर फैलाया जा रहा था कि बीजेपी के सत्ता में आने पर उन्हें बांग्लादेश भेज दिया जाएगा या डिटेंशन कैंप में रखा जाएगा। लेकिन पिछले पांच महीनों में लोगों ने इस तरह के दावों को गलत समझ लिया है। उनके मुताबिक, रेजिनगर का चुनाव परिणाम इसी बदलाव का संकेत है।
रेजिनगर में बीजेपी की बड़ी जीत
शुक्रवार को उपचुनाव की मतगणना के दौरान रेजिनगर सीट पर मुकाबला लगातार दिलचस्प बना रहा। 15 राउंड की गिनती पूरी होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार शखरव सरकार ने 75,691 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
रेजिनगर में बीजेपी के लिए जीत हासिल करना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था। यह सीट अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में आती है और इससे पहले बीजेपी यहां जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर ने जीत हासिल की थी।
उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे को भी उम्मीदवार बनाया गया था। हालांकि, इस बार बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
‘अल्पसंख्यक परिवारों की महिलाओं ने भी दिया वोट’
चुनाव परिणाम के बाद पत्रकारों से बातचीत में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि रेजिनगर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने भी बीजेपी का समर्थन किया है।
उन्होंने दावा किया, “हिंदू-मुस्लिम सभी ने बीजेपी को वोट दिया है। रेजिनगर में अल्पसंख्यक परिवारों की लगभग 35 हजार दीदी-बहनों ने मतदान किया। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में हमें वोट दिया है।”
मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने 6 अक्टूबर को दोस्ती और भाईचारे का संदेश दिया था। उनका दावा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने उनके इस संदेश को स्वीकार किया और मतदान के जरिए अपना समर्थन जताया।
हालांकि, अल्पसंख्यक मतदाताओं के मतदान व्यवहार को लेकर शुभेंदु अधिकारी के ये आंकड़े और दावे उनके अपने बयान पर आधारित हैं।
वामपंथी दलों और तृणमूल पर निशाना
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस ने लंबे समय तक अल्पसंख्यक समुदाय के बीच बीजेपी को लेकर भय का माहौल बनाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि लोगों को बताया जाता था कि बीजेपी के सत्ता में आने पर उन्हें बांग्लादेश भेज दिया जाएगा या डिटेंशन कैंप में रखा जाएगा। लेकिन राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद पांच महीनों के अनुभव ने लोगों की सोच बदल दी है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि रेजिनगर के मतदाताओं ने धर्म के आधार पर राजनीति करने के बजाय विकास और सरकार के साथ रहने को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर पर भी निशाना साधा। शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर बीजेपी के खिलाफ दिए गए बयानों का अल्पसंख्यक समुदाय के एक वर्ग ने विरोध किया।
रेजिनगर में विकास परियोजनाओं का भरोसा
जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने रेजिनगर में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कॉलेज, नारकेलबाड़ी पुल और अस्पताल के विस्तार जैसे प्रस्तावों पर धीरे-धीरे काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल को 200 बिस्तरों वाला बनाने और क्षेत्र में उद्योग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने दुग्ध उद्योग के विकास के लिए रेजिनगर में अमूल का कारखाना स्थापित करने का भी आश्वासन दिया।
रेजिनगर के नतीजे के बाद अब राज्य की राजनीति में अल्पसंख्यक मतदाताओं की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी इसे अपने समर्थन के विस्तार के रूप में देख रही है, जबकि इस जीत के पीछे स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों और चुनावी परिस्थितियों की भूमिका का आकलन करना भी महत्वपूर्ण होगा।































