हजारों पूजा समितियां परेशान,पिछले साल तक पदाधिकारी के खाते से मिल जाता था अनुदान, अब सीधे कमेटी के खाते में जाएगा पैसा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के सरकारी अनुदान को लेकर इस साल लागू किए गए नए नियम ने राज्य की कई पूजा कमेटियों की परेशानी बढ़ा दी है। अब सरकारी ग्रांट पाने के लिए पूजा कमेटी के नाम पर PAN कार्ड और बैंक खाता होना अनिवार्य किया गया है। इसके बिना पुलिस स्टेशन ग्रांट की प्रक्रिया में आगे मदद नहीं कर सकेगा।
नए नियम के मुताबिक, सरकारी अनुदान की राशि अब किसी पूजा कमेटी के पदाधिकारी के निजी बैंक खाते में नहीं भेजी जाएगी। पैसा सीधे पूजा कमेटी के नाम से खुले बैंक खाते में जमा किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन किसी व्यक्ति के निजी खाते में न जाए।
कम समय में PAN और बैंक खाता बनवाना चुनौती
इस नियम की जानकारी सामने आने के बाद कई पूजा कमेटियों ने अपने नाम पर बैंक खाता खोलने और जरूरी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों की कई समितियों के लिए कम समय में कमेटी का पंजीकरण, PAN कार्ड और बैंक खाता तैयार कराना मुश्किल साबित हो रहा है।
नबन्ना के सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल राज्य सरकार इस नियम में बदलाव करने पर विचार नहीं कर रही है। ऐसे में जिन पूजा समितियों के पास पहले से अपने नाम का बैंक खाता नहीं है, उनके सामने ग्रांट की प्रक्रिया पूरी करने को लेकर परेशानी बनी हुई है।
पहले पदाधिकारी के खाते के जरिए मिलता था पैसा
पिछले साल तक व्यवस्था अपेक्षाकृत आसान थी। जिन पूजा कमेटियों का अपना बैंक खाता या जरूरी पंजीकरण नहीं था, वे किसी पदाधिकारी का PAN और बैंक खाते की जानकारी देकर अनुदान प्राप्त कर सकती थीं। इसके बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन के माध्यम से संबंधित पदाधिकारी के नाम पर चेक जारी किया जाता था।
इस साल व्यवस्था बदल दी गई है। अब अनुदान सीधे कमेटी के खाते में भेजने का फैसला किया गया है।
7 सितंबर को मुख्यमंत्री ने की थी ग्रांट की घोषणा
मुख्यमंत्री ने 7 सितंबर को कोलकाता की दुर्गा पूजा कमेटियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद इस साल के सरकारी अनुदान की घोषणा की थी। प्रत्येक पूजा कमेटी को 1 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने बड़े बजट वाली पूजा कमेटियों से सरकारी अनुदान नहीं लेने की अपील भी की थी।
इसके अलावा पूजा कमेटियों को बिजली बिल में 100 प्रतिशत छूट और फायर सेफ्टी क्लीयरेंस फीस में छूट देने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री की अपील के बाद कोलकाता की कई पूजा कमेटियों ने सरकारी अनुदान नहीं लेने की घोषणा की है। वहीं, उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की कई समितियां अपने नाम पर बैंक खाता और PAN नहीं होने के कारण नई व्यवस्था को लेकर परेशान हैं।
2025 में 45,336 कमेटियों को मिला था अनुदान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में राज्य की 45,336 दुर्गा पूजा कमेटियों को 1.10 लाख रुपये प्रति कमेटी का अनुदान दिया गया था। इसके लिए कुल 498 करोड़ 69 लाख 60 हजार रुपये आवंटित किए गए थे।
इससे पहले 2024 में इतनी ही संख्या में पूजा कमेटियों को 85 हजार रुपये प्रति कमेटी दिए गए थे।
इस साल अनुदान की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने के बावजूद, नई बैंक और PAN व्यवस्था ने कई समितियों के सामने अलग तरह की प्रशासनिक चुनौती खड़ी कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन कमेटियों के पास अपने नाम का बैंक खाता नहीं है, वे समय रहते सरकारी अनुदान की प्रक्रिया कैसे पूरी करेंगी।































