ब्याज और जुर्माने में भारी छूट, दुर्गापूजा से पहले शुरू हुई नई वेवर स्कीम
कोलकाता : दुर्गापूजा से पहले कोलकाता के उन लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स लंबे समय से बकाया है। कोलकाता नगर निगम ने बकाया संपत्ति कर की वसूली बढ़ाने के लिए नई वेवर स्कीम शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत बकाया संपत्ति कर पर जमा ब्याज और पेनल्टी में भारी छूट दी जाएगी। निगम का उद्देश्य बकाया करदाताओं को राहत देने के साथ लंबे समय से लंबित संपत्ति कर की वसूली में तेजी लाना है।
छह महीने तक मिलेगी योजना की सुविधा
कोलकाता नगर निगम की ओर से जारी की जाने वाली अधिसूचना के बाद ‘इंसेंटिव वेवर ऑफ इंटरेस्ट एंड पेनल्टी टू द प्रॉपर्टी टैक्स पेयर्स स्कीम, 2026’ लागू होगी। निगम सूत्रों के मुताबिक, अधिसूचना जारी होने के बाद शुरुआती छह महीने तक करदाता इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
राज्य सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए योजना की अवधि को अधिकतम दो महीने तक और बढ़ा सकती है। यानी जरूरत पड़ने पर करदाताओं को बकाया संपत्ति कर चुकाने के लिए अतिरिक्त समय भी मिल सकता है।
निगम का मानना है कि ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट मिलने से ऐसे संपत्ति मालिक सामने आएंगे, जो लंबे समय से मूल कर के साथ बढ़ते ब्याज और पेनल्टी के कारण बकाया राशि जमा नहीं कर पा रहे थे।
सरकारी और आवासीय संपत्तियों पर 100% छूट
नई योजना में संपत्ति के इस्तेमाल के आधार पर अलग-अलग छूट का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सरकारी संस्थाओं की संपत्तियों के मामले में बकाया संपत्ति कर के ब्याज और पेनल्टी, दोनों पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
आवासीय यानी रेजिडेंशियल संपत्तियों को भी ब्याज और पेनल्टी में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। हालांकि, इसके लिए संबंधित करदाता को बकाया मूल संपत्ति कर का भुगतान करना होगा। मूल कर जमा करने के बाद पात्र मामलों में ब्याज और जुर्माने की राशि पूरी तरह माफ की जा सकेगी।
कमर्शियल प्रॉपर्टी पर कितनी छूट?
पूरी तरह व्यावसायिक इस्तेमाल वाली संपत्तियों के लिए छूट की दर अलग रखी गई है। ऐसी संपत्तियों पर जमा ब्याज में 70 प्रतिशत और पेनल्टी में 99 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
वहीं, जिन संपत्तियों का इस्तेमाल मिश्रित यानी मिक्स्ड यूज के तौर पर होता है, उनके लिए ब्याज पर 80 प्रतिशत और पेनल्टी पर 99 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है।
इस तरह अलग-अलग श्रेणी की संपत्तियों के लिए अलग छूट तय की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बकाया करदाताओं को योजना के दायरे में लाया जा सके।
बकाया कर चुकाने के लिए जरूरी शर्त
वेवर स्कीम का लाभ लेने के लिए करदाताओं को अधिसूचना जारी होने के बाद निर्धारित छह महीने की अवधि के भीतर अपना बकाया संपत्ति कर चुकाना होगा। एकमुश्त भुगतान के अलावा, निर्धारित शर्तों के तहत किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। इससे उन करदाताओं को राहत मिल सकती है, जिन पर एक साथ बड़ी राशि का भुगतान करने का दबाव है।
हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए एक अहम शर्त भी रखी गई है। अगर संबंधित संपत्ति के वार्षिक मूल्यांकन या संपत्ति कर को लेकर निगम अथवा किसी अन्य कानूनी मंच पर मामला या विवाद चल रहा है, तो करदाता को पहले उस मामले को वापस लेना होगा। इसके बाद ही वेवर स्कीम के तहत बकाया कर का निपटारा किया जा सकेगा।
पहले भी लागू हो चुकी है ऐसी योजना
कोलकाता नगर निगम पहले भी बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए ब्याज और पेनल्टी में छूट वाली वेवर स्कीम लागू कर चुका है। पिछली योजनाओं के दौरान बड़ी संख्या में करदाताओं ने बकाया संपत्ति कर का भुगतान किया था।
विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण ऐसी रियायत वाली प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। अब दुर्गापूजा से पहले निगम ने एक बार फिर वेवर स्कीम लाने का फैसला किया है।
निगम की कोशिश है कि छूट का लाभ देकर पुराने बकाया संपत्ति कर की वसूली बढ़ाई जाए और लंबे समय से लंबित कर मामलों का निपटारा किया जा सके। अब करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण होगा कि वे अधिसूचना जारी होने की तारीख और आवेदन व भुगतान की अंतिम समयसीमा पर नजर रखें।































