मिलन प्रधान के एजेंटों को रोकने का आरोप; रेजिनगर में हुमायूं गिरफ्तार
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर मंगलवार सुबह शुरू हुए उपचुनाव के दौरान ही तनाव की खबरें सामने आने लगीं। नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंटों को कई बूथों पर बैठने नहीं दिया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर उनकी बीजेपी कार्यकर्ताओं से तीखी बहस भी हुई। वहीं, रेजिनगर में मतदान शुरू होते ही पुलिस के साथ विवाद के बाद आम जनता विकास पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को गिरफ्तार कर लिया गया।
नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान सुबह अपनी पत्नी के साथ बूथ नंबर 280 पर मतदान करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मतदान केंद्रों का दौरा किया। सोनाचूड़ा इलाके में पहुंचने पर उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पार्टी के पोलिंग एजेंटों को बूथों पर बैठने नहीं दिया जा रहा है।
मिलन के आरोप के बाद वहां बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी बहस शुरू हो गई। बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि इलाके में कांग्रेस के समर्थक ही नहीं हैं, ऐसे में पोलिंग एजेंट कहां से आएंगे। इसी दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता ने मिलन पर तंज कसते हुए कहा, ‘आपके पास खिलाड़ी ही नहीं हैं, तो खेलेंगे कैसे?’
मिलन प्रधान ने इसका जवाब देते हुए कहा कि शुरुआत में किसी के पास खिलाड़ी नहीं होते, बाद में लोग जुड़ते हैं। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। इसके बाद मिलन वहां से चले गए।
पूजा के बाद मतदान केंद्रों के दौरे पर निकलीं बीजेपी उम्मीदवार
नंदीग्राम से बीजेपी उम्मीदवार हसिरानी रथ ने मतदान के दिन की शुरुआत रेयापाड़ा स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना से की। इसके बाद उन्होंने कहा कि इलाके में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और वह अब अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगी।
विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की। पुलिस की ओर से कहा गया है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एहतियाती हिरासत भी ली जा सकती है।
रेजिनगर में मतदान शुरू होते ही हुमायूं कबीर गिरफ्तार
दूसरी ओर, रेजिनगर में मतदान शुरू होने के साथ ही तनाव की स्थिति बन गई। हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि इलाके में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस और बीजेपी पर भी निशाना साधा।
हुमायूं के समर्थकों के मुताबिक, वह पार्टी कार्यालय के सामने पुलिस से उलझ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हुमायूं कबीर इस चुनाव में न तो उम्मीदवार हैं और न ही किसी उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट। इसलिए उन्हें मतदान प्रक्रिया के दौरान इस तरह घूमने की अनुमति नहीं थी। कानून तोड़ने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
बीजेपी के रेजिनगर उम्मीदवार शखारव सरकार ने हुमायूं की गिरफ्तारी को सही ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि हुमायूं ने चुनाव के दिन हिंसा की आशंका जताते हुए पहले भी भड़काऊ बयान दिए थे। बीजेपी उम्मीदवार का दावा है कि हुमायूं ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई हुई।
कांग्रेस और वाम दलों ने भी लगाए आरोप
रेजिनगर से मतदान प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और वाम दलों की ओर से भी कई शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि कुछ मतदान केंद्रों से उसके पोलिंग एजेंटों को बाहर कर दिया गया। पार्टी ने पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की।
वहीं, सीपीएम ने आरोप लगाया कि रेजिनगर के दादपुर इलाके के कुछ बूथों पर उसके पोलिंग एजेंटों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। पार्टी की ओर से बूथ संख्या 112, 113, 114 और 122 का उल्लेख किया गया है।
कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफ़ी ने भी इन आरोपों के विरोध में रेजिनगर थाने के सामने धरना शुरू किया।
फिलहाल दोनों सीटों पर मतदान जारी है। सुबह की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत की जांच की जाएगी और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।































