17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, देशभर में सेवा, सामाजिक कल्याण और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम होंगे
कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने और उनके जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी तथा एनडीए के सहयोगी दल 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा से संकल्प अभियान’ चलाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अभियान को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है। इस अवधि को सेवा और जनभागीदारी से जोड़ते हुए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘25 साल की यात्रा को एक शब्द में कहें तो सेवा’
रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी के पिछले 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को एक शब्द में समेटना हो, तो वह शब्द ‘सेवा’ होगा। उन्होंने कहा कि बड़े बदलाव के लिए व्यापक सोच, प्रभावी नीतियां, मजबूत क्रियान्वयन, राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प जरूरी हैं और उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने इन सभी पहलुओं पर लगातार काम किया है।
उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक मोदी के कार्यकाल में हुए विभिन्न बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में शासन व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए हैं।
17 सितंबर से शुरू होगा अभियान
‘सेवा से संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में सेवा, सामाजिक कल्याण और जनभागीदारी पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। विभिन्न राज्यों में इस अभियान को लेकर कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल की विरासत का भी किया उल्लेख
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दिए गए महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरों का गायन किया गया।
अर्थव्यवस्था और ‘Modinomics’ का जिक्र
रक्षा मंत्री ने 2014 से पहले और उसके बाद की भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था वर्तमान में 7.8 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने इसे ‘Modinomics’ से जोड़ते हुए INDIA शब्द के माध्यम से Inclusive, New-age, Digital, Innovative और Atma Nirbhar की अवधारणाओं का उल्लेख किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने शासन के दृष्टिकोण में भी बदलाव किया है। उनके अनुसार, पहले कई क्षेत्रों में गतिविधियां अनुमति मिलने तक प्रतिबंधित रहती थीं, जबकि अब निषिद्ध होने तक उन्हें अनुमति देने की दिशा में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे नवाचार, उद्यमिता और निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए अवसर बढ़े हैं।
गरीबी और सामाजिक सुरक्षा के आंकड़ों का हवाला
रक्षा मंत्री ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जबकि 94 करोड़ से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आए हैं। उन्होंने इन आंकड़ों को सरकार की नीतियों के प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि लोगों के जीवन में हुए बदलाव से सार्वजनिक विश्वास मजबूत हुआ है।
रक्षा उत्पादन और निर्यात पर भी जोर
राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 40 से अधिक आयुध कारखानों को पुनर्गठित कर सात रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में बदला गया है।
उनके अनुसार, 2014 की तुलना में भारत का रक्षा उत्पादन बढ़कर करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि रक्षा निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
‘मन की बात’ और पद्म पुरस्कारों का उल्लेख
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को पहचान दिलाने की परंपरा को मजबूत किया है।
उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले कई गुमनाम लोगों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इसी तरह पद्म पुरस्कारों के माध्यम से आम नागरिकों के असाधारण कार्यों को सम्मानित किया गया।
नेतृत्व के पांच गुणों का जिक्र
राजनाथ सिंह ने सफल नेतृत्व के पांच प्रमुख गुणों का भी उल्लेख किया। इनमें अपने उदाहरण से नेतृत्व करना, सामूहिक लक्ष्य तैयार करना और सहमति बनाना, बदलाव लाने का साहस, दूसरों को आगे बढ़ने में सक्षम बनाना तथा अच्छे कार्यों को पहचानकर प्रोत्साहित करना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा से संकल्प अभियान’ केवल उपलब्धियों और आंकड़ों को सामने रखने तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना भी है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन के समापन पर कहा कि “यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, यह एक नए भारत की कहानी है।”































