जूट मिल मजदूरों के लिए सरकार की बड़ी आवास योजना, जानें किसे मिलेगा लाभ
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार जूट मिल मजदूरों और उनके परिवारों के लिए सस्ते और पक्के घर उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। योजना के तहत पात्र मजदूरों को सिर्फ 50 हजार रुपये के योगदान पर फ्लैट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। फ्लैट की बाकी लागत केंद्र और राज्य सरकार की सहायता के साथ परियोजना लागू करने वाली एजेंसी द्वारा वहन की जाएगी।
राज्य के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना की जानकारी दी। शुरुआत में इसे उत्तर 24 परगना और हुगली जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन 2.0 के तहत बनेंगे फ्लैट
यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन 2.0 के Affordable Housing in Partnership (AHP) घटक के तहत लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र जूट मिल मजदूरों को सुरक्षित और पक्के घर उपलब्ध कराना है।
श्रम मंत्री के मुताबिक, कई मजदूर परिवार लंबे समय से पुराने और जर्जर वर्कर क्वार्टर में रह रहे हैं। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। बताया गया है कि अब तक करीब 8 हजार मजदूरों ने योजना में रुचि दिखाई है। आवेदनों के सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी।
5.50 लाख रुपये होगी एक फ्लैट की अनुमानित लागत
सरकार के मुताबिक, एक फ्लैट के निर्माण पर करीब 5.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से लगभग 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से करीब 2.79 लाख रुपये की सहायता प्रस्तावित है।
लाभार्थी को सिर्फ 50 हजार रुपये का योगदान करना होगा। शेष करीब 71 हजार रुपये परियोजना लागू करने वाली एजेंसी द्वारा वहन किए जाने की बात कही गई है।
दो कमरे, किचन और टॉयलेट वाला होगा फ्लैट
प्रस्तावित फ्लैट का कारपेट एरिया करीब 30 से 45 वर्ग मीटर, यानी लगभग 320 से 485 वर्ग फीट होगा। फ्लैट में दो कमरे, एक किचन और एक टॉयलेट होगा।
योजना के तहत सामान्य तौर पर G+3 इमारत बनाने का प्रस्ताव है। प्रत्येक मंजिल पर चार फ्लैट और एक इमारत में कुल 16 फ्लैट बनाए जाने की योजना है।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से होना जरूरी होगा। परिवार की सालाना आय अधिकतम 3 लाख रुपये होनी चाहिए।
इसके अलावा आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। पिछले 20 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी आवास योजना का लाभ लेने वाले परिवार इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
इन वर्गों को मिल सकती है प्राथमिकता
लाभार्थियों के चयन में विधवा, अकेली महिलाएं, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर तथा अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के पात्र आवेदकों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लाभार्थियों को ग्राउंड फ्लोर या निचली मंजिल पर फ्लैट आवंटित करने में भी प्राथमिकता दी जाएगी।
भाटपारा, टीटागढ़ और कमरहाटी में जमीन की तलाश
उत्तर 24 परगना जिले में भाटपाड़ा, टीटागढ़ और कमरहाटी नगरपालिकाओं को परियोजना के लिए जमीन की पहचान करने को कहा गया है।
हुगली में भी मजदूरों से आवेदन लेने के लिए श्रम आयुक्तालय के साथ मिलकर विशेष कैंप आयोजित करने की योजना है। श्रम विभाग जिला प्रशासन, नगरपालिकाओं, ट्रेड यूनियनों और संबंधित मिल प्रबंधन के साथ मिलकर पात्र मजदूरों की पहचान करेगा।
ऑनलाइन पोर्टल से होगा आवेदन
योजना के लिए आवेदन यूनिफाइड वेब पोर्टल के जरिए निर्धारित फॉर्म में करना होगा। आवेदन मिलने के बाद दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा।
फ्लैट मिलने के बाद शुरुआती पांच साल तक उसे बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं होगी। योजना के पायलट चरण के बाद इसके विस्तार को लेकर आगे निर्णय लिया जा सकता है।































