ज्यादातर आरोपी मणिपुर के रहने वाले
कोलकाता : न्यूटाउन में कथित तौर पर अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका के नागरिकों से ठगी करने के मामले में विधाननगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ज्यादातर मणिपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में इस कथित साइबर ठगी नेटवर्क में मणिपुर कनेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि न्यूटाउन में संचालित इस कॉल सेंटर का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके जरिए कितने विदेशी नागरिकों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया।
ई-मेल और बल्क मैसेज से जुटाया जाता था डेटा
जांच के अनुसार, इस कथित अवैध कॉल सेंटर तक विदेशों से बल्क मैसेज और ई-मेल के जरिए डेटा पहुंचता था। इसके बाद आरोपियों द्वारा ई-मेल ब्लास्टिंग के माध्यम से कुछ खास मोबाइल नंबरों की पहचान की जाती थी।
इन नंबरों पर फोन कर कथित तौर पर अमेरिकी नागरिकों से कहा जाता था कि उनके कंप्यूटर या सिस्टम में वायरस आ गया है। बातचीत के दौरान आरोपियों की कोशिश पहले पीड़ित का विश्वास हासिल करने की होती थी।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों को बताया जाता था कि जल्द ही एक दूसरे नंबर से फोन आएगा और उनके कंप्यूटर की समस्या दूर करने में मदद की जाएगी।
गिफ्ट वाउचर के नाम पर ठगी का आरोप
जांचकर्ताओं के मुताबिक, कथित ठगी के इस तरीके में विदेशी नागरिकों से नामी कंपनियों के गिफ्ट वाउचर खरीदने के लिए कहा जाता था। पीड़ितों द्वारा बड़ी रकम खर्च कर गिफ्ट वाउचर खरीदने के बाद उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि उनके कंप्यूटर से वायरस हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग तकनीकी काम संभालते थे, कौन विदेशी नागरिकों से फोन पर बातचीत करता था और ठगी से हासिल रकम को आगे किस तरह पहुंचाया जाता था।
हवाला के जरिए कोलकाता पहुंचने का आरोप
जांच में कथित तौर पर ठगी की रकम के लेन-देन का एक और रास्ता सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि ठगी से हासिल रकम को पहले विदेश में कैश कराया जाता था और इसके बाद कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए कोलकाता लाया जाता था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस काम के लिए राजारहाट इलाके में एक गेस्ट हाउस किराए पर लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि हवाला के जरिए भेजी गई रकम को इसी नेटवर्क के माध्यम से आगे पहुंचाया जाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हवाला लेन-देन में कौन लोग शामिल थे और इस नेटवर्क का संचालन कहां से किया जा रहा था।
क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन की भी जांच
पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अलग-अलग जगहों पर पैसे भेजे जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद जांचकर्ताओं ने इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसा किन लोगों या खातों तक पहुंचाया गया और इन लेन-देन का कथित साइबर ठगी से क्या संबंध है।
संभावित टेरर लिंक की भी जांच
क्रिप्टोकरेंसी और कथित हवाला लेन-देन की जानकारी सामने आने के बाद जांचकर्ता इस नेटवर्क में किसी संभावित टेरर लिंक की आशंका को भी खंगाल रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस कॉल सेंटर के संचालन, विदेशों से डेटा हासिल करने के तरीके, अमेरिकी नागरिकों को कथित तौर पर ठगने की प्रक्रिया, हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हुए वित्तीय लेन-देन तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है।































