टिकट काउंटरों पर भी होगी खास व्यवस्था
कोलकाता : महालया के साथ ही बंगाल में देवीपक्ष की शुरुआत हो गई है और दुर्गापूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। त्योहार के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व रेलवे के हावड़ा डिवीजन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई विशेष कदम उठाए हैं। रेलवे की ओर से कुल 174 ट्रिप वाली पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाने, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
रेलवे का लक्ष्य है कि दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में दर्शन के लिए निकलने वाले यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
हावड़ा से चलेंगी 174 पूजा स्पेशल ट्रेनें
दुर्गापूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए हावड़ा डिवीजन में कुल सात जोड़ी पूजा स्पेशल ट्रेनों के जरिए 174 ट्रिप संचालित करने की योजना बनाई गई है। रेलवे ने बताया कि त्योहार के दिनों में यात्रियों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए विशेष समय-सारणी तैयार की गई है।
वहीं, 17 से 21 अक्टूबर तक लोकल ट्रेनों की सेवाओं को भी बेहतर बनाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान मेमू और ईएमयू ट्रेनों की विशेष सेवाएं तथा कुछ स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हावड़ा डिवीजन में अतिरिक्त रेक और कोच भी तैयार रखे जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।
टिकट के लिए लंबी कतारों से मिलेगी राहत
त्योहार के दौरान स्टेशनों पर टिकट खरीदने के लिए लगने वाली लंबी कतारों को कम करने के उद्देश्य से भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। हावड़ा स्टेशन पर मौजूदा 30 टिकट काउंटरों के अलावा छह अतिरिक्त काउंटर शुरू किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, पूरे डिवीजन में 14 एम-यूटीएस (M-UTS) सहायक तैनात किए जाएंगे। अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए 17 अतिरिक्त शिफ्ट भी संचालित होंगी।
रेलवे के मुताबिक, हावड़ा समेत पूरे डिवीजन में 366 एटीवीएम सहायक और 52 विशेष सहायक यात्रियों की मदद के लिए तैनात रहेंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रियों की सुविधा के लिए अधिक कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही होल्डिंग एरिया में ही अतिरिक्त एम-यूटीएस काउंटरों की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि यात्रियों को टिकट के लिए बार-बार इधर-उधर न जाना पड़े।
14 स्टेशनों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया
हावड़ा डिवीजन के 14 स्टेशनों को यात्रियों की भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर उच्च जनसमागम वाले संवेदनशील स्टेशनों के रूप में चिह्नित किया गया है। इन स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 24 तक लगभग 87,058 वर्गमीटर क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रेलवे के अनुसार, निर्धारित प्रबंधन व्यवस्था के तहत इस क्षेत्र में एक साथ लगभग तीन लाख यात्रियों को सुरक्षित रूप से संभालने की क्षमता विकसित की गई है।
भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को कतार में ट्रेन तक पहुंचाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारी 24 घंटे तैनात रहेंगे।
पानी, लिफ्ट और सीसीटीवी की व्यवस्था की जांच
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने स्टेशन पर पेयजल आपूर्ति, लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवरब्रिज और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की भी विस्तृत जांच की है।
यात्रियों को ट्रेनों के समय, प्लेटफॉर्म और अन्य जरूरी जानकारियां देने के लिए बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी में नियमित घोषणाएं की जाएंगी। इसके अलावा वीडियो वॉल के माध्यम से भी यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
12 दिनों की विशेष योजना तैयार: DRM
हावड़ा के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विशाल कपूर ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12 दिनों की विशेष योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे की प्राथमिकता है कि प्रत्येक यात्री सुरक्षित तरीके से ट्रेन में सफर कर सके।
उन्होंने यह भी बताया कि दुर्गापूजा के बाद लक्ष्मीपूजा और कालीपूजा के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए आगे की योजना तैयार की जाएगी।
दुर्गापूजा के दौरान हावड़ा स्टेशन और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनें, टिकट काउंटर, सहायता कर्मचारी और सुरक्षा इंतजाम यात्रियों की परेशानी कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। रेलवे की इन तैयारियों का उद्देश्य पूजा के दिनों में यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।































