पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर कराया मुक्त। हावड़ा स्टेशन के सबवे के पास से कारोबारी को अगवा कर लिलुआ की एक बहुमंजिला इमारत में रखा गया था। गोलाबाड़ी और लिलुआ थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर की मदद से आरोपियों का पता लगाया। तलाशी के दौरान कई आग्नेयास्त्र भी बरामद किए गए।
हावड़ा : पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक कारोबारी के अपहरण और फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने बुधवार को हावड़ा स्टेशन के सबवे के पास से प्यारे लाल नाम के एक कारोबारी का कथित तौर पर अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें लिलुआ थाना क्षेत्र के झील रोड स्थित एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में बंधक बनाकर रखा गया और उनकी रिहाई के बदले मोटी रकम की मांग की गई। मामले की सूचना मिलने के बाद गोलाबाड़ी और लिलुआ थाने की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया है।
बुधवार रात से कारोबारी से नहीं हो पा रहा था संपर्क
परिवार के सदस्यों के अनुसार, बुधवार रात से ही कारोबारी से मोबाइल फोन पर संपर्क करने की लगातार कोशिश की जा रही थी। हालांकि, बार-बार फोन करने के बावजूद उनसे बात नहीं हो सकी। इससे परिवार के लोग चिंतित हो गए। गुरुवार सुबह परिजनों ने गोलाबाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अपहरण का सुराग
जांच के दौरान गोलाबाड़ी थाने की पुलिस ने हावड़ा स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज की जांच में पता चला कि एक बाइक और एक स्कूटी पर सवार होकर तीन लोग आए थे। आरोप है कि इन्हीं लोगों ने कारोबारी का अपहरण किया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने और कारोबारी का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी। गोलाबाड़ी और लिलुआ थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के साथ-साथ मोबाइल टावर के जरिए भी संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। इन प्रयासों से पुलिस को अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने में मदद मिली।
लिलुआ की आवासीय इमारत से कारोबारी बरामद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार रात पुलिस की संयुक्त टीम ने लिलुआ के झील पाड़ रोड स्थित एक आवासीय इमारत में अभियान चलाया। वहां से अपहृत कारोबारी को सुरक्षित बरामद किया गया। इस दौरान पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि आरोपियों के पास से कई आग्नेयास्त्र बरामद किए गए हैं। हालांकि, हथियारों के प्रकार और उनकी संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस हिरासत में लिए गए सभी लोगों से अलग-अलग चरणों में पूछताछ कर रही है, ताकि अपहरण की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके।
कारोबारी से पहले से परिचित थे आरोपी?
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि अपहरण में शामिल लोगों की कारोबारी से पहले से जान-पहचान हो सकती है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि पैसे के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, अपहरण के पीछे फिरौती के अलावा कोई अन्य कारण था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपहरण की योजना कैसे बनाई गई, इसमें कितने लोग शामिल थे और फिरौती के लिए कितनी रकम मांगी गई थी। साथ ही, बरामद आग्नेयास्त्रों के स्रोत और उनके इस्तेमाल की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल, कारोबारी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और सात संदिग्ध पुलिस की हिरासत में हैं। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस की पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद अपहरण से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।































