फर्जी पूजा पास के जरिए करोड़ों की हेराफेरी का आरोप
कोलकाता : दुर्गा पूजा से पहले पूजा परिक्रमा और प्रीव्यू शो के नाम पर कथित तौर पर फर्जी पास बेचने और करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के कोलकाता स्थित आवास पर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई।
इंद्रनील सेन के घर समेत 10 ठिकानों पर तलाशी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ED की टीम कस्बा स्थित इंद्रनील सेन के आवास के अलावा कोलकाता के हिंदुस्तान पार्क और हाइलैंड पार्क समेत करीब 10 स्थानों पर तलाशी ले रही है। इन ठिकानों में कथित तौर पर पूर्व मंत्री के कुछ रिश्तेदारों से जुड़े परिसरों के अलावा इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े एक कारोबारी का आवास भी शामिल है।
जांच एजेंसी की एक टीम हुगली के सिंगूर स्थित इंद्रनील सेन के गार्डन हाउस ‘मोहर’ भी पहुंची है। तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच की जा रही है।
फर्जी पूजा पास बेचने का आरोप
मामले की जांच कथित तौर पर दुर्गा पूजा से पहले ‘पूजा परिक्रमा’ और ‘प्रीव्यू शो’ के नाम पर बेचे गए पास से जुड़ी है। आरोप है कि कुछ पास UNESCO के नाम का इस्तेमाल कर बेचे गए और लोगों के बीच यह धारणा बनाई गई कि इन आयोजनों को UNESCO का समर्थन या आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, अभी तक UNESCO के साथ ऐसे किसी आधिकारिक साझेदारी के दावे की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी आरोप है कि UNESCO के नाम और लोगो का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया।
1,749 से 5,499 रुपये तक में बेचे गए पास
सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता की करीब 24 दुर्गा पूजा समितियों को लेकर ‘प्रीव्यू शो’ के नाम पर पास जारी किए गए थे। इन पास की कीमत कथित तौर पर 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक रखी गई थी।
दावा किया गया था कि इन 24 पूजा मंडपों का चयन UNESCO की ओर से किया गया है। हालांकि, जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, इस दावे की अब तक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार, 2022 में करीब 19 हजार, 2023 में करीब 34 हजार और 2024 में करीब 61 हजार लोगों ने इन पास के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था।
इंद्रनील सेन, पत्नी और संस्था के खिलाफ शिकायत
इस मामले में पिछले जून में बउबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुचंदा सेन और ‘मास आर्ट’ नामक संस्था का नाम सामने आया था। मधुचंदा सेन के इस संस्था से जुड़े होने की बात भी कही गई है।
आरोपों के मुताबिक, वर्ष 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने के बाद संबंधित संस्था का गठन किया गया था। संस्था पर UNESCO के साथ आधिकारिक साझेदारी होने का दावा करने का आरोप लगाया गया है।
50-60 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच
ED को संदेह है कि इन पास की बिक्री के जरिए बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन हुआ। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक अनुमान में कथित वित्तीय अनियमितता की राशि करीब 50 से 60 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
हालांकि, यह राशि और आरोप जांच के अंतिम निष्कर्ष नहीं हैं। मंगलवार को कई ठिकानों पर चल रही तलाशी के दौरान ED दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित संस्थाओं से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। तलाशी पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और कथित धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।































