हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच; बेलेघाटा, मानिकतला, राजाबाजार और कैनाल ईस्ट रोड में 50 से अधिक निर्माण पर उठे हैं सवाल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित अवैध निर्माण के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को CBI की टीम कोलकाता के कैनाल ईस्ट रोड इलाके में पहुंची और एक तीन मंजिला इमारत की जांच की।
बताया जा रहा है कि इमारत की निचली मंजिल का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, जबकि ऊपरी मंजिलों पर लोग रह रहे हैं। CBI अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और इमारत से जुड़ी विभिन्न जानकारियां जुटाईं।
50 से ज्यादा निर्माण पर सवाल
मामला केवल कैनाल ईस्ट रोड तक सीमित नहीं है। बेलेघाटा, मानिकतला, राजाबाजार और आसपास के इलाकों में 50 से अधिक मकानों और निर्माणों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। कोलकाता नगर निगम (KMC) की एक रिपोर्ट में इनमें से 42 निर्माणों को कथित तौर पर अवैध बताया गया है। मामले की सुनवाई फिलहाल हाई कोर्ट में चल रही है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ निर्माणों को हटाने के पहले दिए गए आदेशों के बावजूद जमीन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
भ्रष्टाचार और काले धन के भी आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान अवैध निर्माण के जरिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता, काले धन को वैध बनाने और विदेशी मुद्रा से जुड़े लेनदेन जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा बिना जरूरी अनुमति और स्वीकृति के निर्माण किए जाने का भी दावा किया गया है।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं हुई है। CBI की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में वास्तव में किस तरह की अनियमितताएं हुई हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
देश की सुरक्षा से जुड़े पहलू का भी जिक्र
सुनवाई के दौरान अदालत में यह भी दलील दी गई कि कथित अवैध निर्माण से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू प्रभावित हो सकते हैं। इन दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने पिछले शुक्रवार को CBI जांच का निर्देश दिया।
अदालत ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर CBI विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर सकती है। साथ ही केंद्रीय एजेंसी को 14 अक्टूबर तक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
कैनाल ईस्ट रोड की इमारत में क्या मिला?
गुरुवार को CBI जिस तीन मंजिला इमारत में पहुंची, वहां निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। इमारत की बाहरी दीवारों पर प्लास्टर का काम अधूरा दिखाई दिया। कुछ खिड़कियों में शीशे लगे हैं, जबकि अंदर भी कई हिस्सों में निर्माण बाकी है। सीढ़ियों पर रेलिंग तक नहीं लगी है।
इसके बावजूद इमारत के कुछ हिस्सों में लोगों के रहने की जानकारी सामने आई। कुछ कमरों में एयर कंडीशनर भी लगे हुए हैं। हालांकि, इस इमारत के खिलाफ विशेष तौर पर क्या आरोप हैं, इसकी पूरी जानकारी जांच के शुरुआती चरण में स्पष्ट नहीं हुई है।
CBI अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इमारत का निरीक्षण किया और स्थानीय निवासियों से बातचीत की। टीम ने निर्माण और संपत्ति से संबंधित जरूरी जानकारियां जुटाईं।
हाई कोर्ट ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए थे सवाल
पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की पीठ ने इस बात पर सवाल उठाया था कि प्रशासन ने कथित अवैध निर्माणों की स्वतः संज्ञान लेकर जांच क्यों नहीं की।
अदालत ने पूछा था कि इतने लंबे समय से स्वतः जांच क्यों नहीं शुरू की गई। पीठ ने यह भी टिप्पणी की थी कि अवैध निर्माण की शिकायतों पर कार्रवाई करना नगरपालिका और राज्य प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इसी पृष्ठभूमि में हाई कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया। अब केंद्रीय एजेंसी की शुरुआती जांच के बाद यह सामने आने की उम्मीद है कि इन निर्माणों से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित अनियमितताओं के पीछे किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही है।































