मंडल और जिला इकाइयों को देना होगा खर्च का हिसाब
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पार्टी नेतृत्व ने सख्ती शुरू कर दी है। अब मंडल और जिला स्तर पर होने वाले पार्टी कार्यक्रमों के लिए धन कहां से आया और उसका इस्तेमाल किन मदों में किया गया, इसका पूरा हिसाब देना होगा। पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल ने कथित तौर पर निर्देश दिया है कि 4 मई के बाद आयोजित कार्यक्रमों की आय और खर्च का विस्तृत ब्योरा लिखित रूप में जमा किया जाए।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में बंगाल दौरे के दौरान पार्टी नेताओं को भ्रष्टाचार, वसूली, दबंगई और सिंडिकेट गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश दिया था।
मंडल से जिला स्तर तक देनी होगी वित्तीय जानकारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, निचले स्तर से मिली कुछ शिकायतों के बाद प्रदेश नेतृत्व ने संगठन की वित्तीय गतिविधियों का ब्योरा मांगने का फैसला किया है। मंडल और जिला स्तर पर प्रशिक्षण शिविर, बड़ी सभाएं, बैठकें और अन्य पार्टी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों पर होने वाले खर्च और उनके लिए धन जुटाने के स्रोत की जानकारी अब नेतृत्व को देनी होगी।
निर्देश के अनुसार, मंडल स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों की आय-व्यय का विवरण संबंधित मंडल अध्यक्ष जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे। वहीं, जिला स्तर पर आयोजित बड़े कार्यक्रमों के खर्च का हिसाब जिला अध्यक्ष संबंधित जिला प्रभारी को देंगे। इसके बाद जिला प्रभारी यह विवरण प्रदेश समिति के पास जमा करेंगे।
कार्यक्रमों के लिए पैसा कहां से आया, इस पर नजर
पार्टी नेतृत्व यह जानना चाहता है कि कार्यक्रमों के आयोजन में कितना पैसा खर्च हुआ, कितनी राशि जुटाई गई और धन किन स्रोतों से प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण शिविर से लेकर बड़ी जनसभाओं और अन्य संगठनात्मक आयोजनों तक के खर्च का हिसाब मांगे जाने की बात सामने आई है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य संगठन के भीतर वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना और पार्टी के नाम पर कथित तौर पर निजी हितों के लिए धन जुटाने जैसी शिकायतों पर नजर रखना है। हालांकि, शिकायतों के आधार पर किसी व्यक्ति या इकाई को दोषी नहीं ठहराया गया है।
नितिन नवीन ने भ्रष्टाचार और वसूली के खिलाफ दिया था संदेश
गौरतलब है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को बंगाल दौरे के दौरान पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि संगठन में भ्रष्टाचार, जबरन वसूली, दबंगई और सिंडिकेट गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी थी कि संगठन के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी नेतृत्व का संदेश था कि कार्यकर्ताओं को संगठन की छवि और अनुशासन बनाए रखना होगा।
संगठन में पारदर्शिता पर जोर
नितिन नवीन के संदेश के बाद आय-व्यय का ब्योरा मांगने के निर्देश को बंगाल भाजपा के संगठनात्मक कामकाज में निगरानी बढ़ाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के एक प्रदेश नेता के हवाले से कहा गया है कि संगठन में ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनसे पार्टी की छवि प्रभावित हो। हालांकि, इस निर्देश के बाद कितनी इकाइयों ने अपना वित्तीय विवरण जमा किया है और किसी तरह की कार्रवाई हुई है या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था को मंडल और जिला स्तर पर किस तरह लागू किया जाता है।































