पुलिस ने हमला करने वाले तीनों युवकों को छोड़ा
सिउड़ी : बीरभूम के सिउड़ी स्थित तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेता अनुव्रत मंडल के सामने हुई तोड़फोड़ के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने घटना के बाद तीन युवकों को हिरासत में लिया था, लेकिन रात में उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनुव्रत मंडल या उनकी पार्टी की ओर से स्थानीय थाने में इस घटना को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। पुलिस की ओर से भी स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज नहीं किया गया। इसी वजह से हिरासत में लिए गए तीनों युवकों को बाद में रिहा कर दिया गया।
अनुव्रत के सामने कुर्सी-टेबल और एसी तक तोड़ा
बुधवार शाम सिउड़ी के पार्टी कार्यालय में तीन युवक पहुंच गए थे। आरोप है कि इनमें से दो युवक कार्यालय की दूसरी मंजिल पर पहुंचे, जहां अनुव्रत मंडल बैठे थे। युवकों ने कथित तौर पर उनके सामने ही पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान कुर्सी, टेबल और एयर कंडीशनर समेत कई सामान को नुकसान पहुंचाया गया।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। वीडियो में युवकों को अनुव्रत मंडल के सामने आक्रामक अंदाज में सवाल करते और कार्यालय में सामान तोड़ते हुए देखा जा सकता है। एक युवक द्वारा पेड़ की डाल से टेबल पर प्रहार किए जाने के बाद कांच टूटकर अनुव्रत के शरीर और चेहरे की ओर गिरता दिखाई देता है।
युवकों ने अनुव्रत से कथित तौर पर पिछले 15 वर्षों के दौरान बीरभूम में लोगों पर अत्याचार करने के आरोपों को लेकर सवाल किए। इस दौरान उन्हें अपशब्द कहे जाने और धमकी देने का भी आरोप है। अनुव्रत ने कई बार युवकों को शांत करने की कोशिश की।
पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया था
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद युवकों को बाहर निकाला। पुलिस ने आकाश देवनाथ, बंटी वीरबंशी और ऋषभ गोर नाम के तीन युवकों को हिरासत में लिया था। तीनों सिउड़ी के हाटजन बाजार इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत नहीं मिलने के कारण उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों के एक वर्ग का दावा है कि तीनों युवक इलाके में सामान्य तौर पर अच्छे व्यवहार के लिए जाने जाते हैं और उनका किसी राजनीतिक दल से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
बंटी के पिता अमित राजवंशी ने कहा कि उनका बेटा 12वीं कक्षा में पढ़ता है। उन्होंने दावा किया कि परिवार का किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे ने ऐसा कदम क्यों उठाया और उसके पीछे क्या नाराजगी थी, यह वही बता सकता है।
ऋतब्रत गुट ने भाजपा पर लगाया आरोप
घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस के नेता और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि अनुव्रत मंडल पर हमला करने वाले युवक भाजपा समर्थित उपद्रवी थे। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अनुव्रत सिर्फ उनकी पार्टी के नेता नहीं, बल्कि वरिष्ठ राजनेता हैं और प्रशासन से शिकायत की गई है।
वहीं, बीरभूम के लोकतांत्रिक तृणमूल नेता काजल शेख ने घटना को लेकर कहा कि उन्हें यह मामला “सजाया हुआ” लगता है। हालांकि, इस बयान के पीछे क्या आधार है, यह स्पष्ट नहीं किया गया।
तृणमूल और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग
घटना पर तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक ध्रुव साहा ने कहा कि जनता के बीच अनुव्रत मंडल को लेकर नाराजगी रही है। हालांकि, उन्होंने भी पार्टी कार्यालय में हुई इस तरह की घटना को उचित नहीं बताया और लोगों से कानून पर भरोसा रखने की अपील की।
फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि सार्वजनिक रूप से हुई तोड़फोड़ के बावजूद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर मामला क्यों दर्ज नहीं किया और शिकायत के अभाव में तीनों युवकों को क्यों छोड़ दिया गया। मामले में आगे पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।































