ममता बनर्जी पर शुभेंदु अधिकारी का हमला
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में आयोजित जनसभा से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 2025 में सुंदरबन के सूर्यनगर में मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाने की घटना का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी पर निशाना साधा। शुभेंदु ने दावा किया कि सनातनी शक्तियों के आक्रोश और मां काली के शाप के कारण पूर्व मुख्यमंत्री को भी इस साल महालया के दिन दिल्ली में प्रिजन वैन में चढ़ना पड़ा।
मां काली की प्रतिमा से जुड़ी घटना का किया जिक्र
काकद्वीप की सभा में शुभेंदु अधिकारी ने पिछले साल सूर्यनगर में हुई घटना को याद करते हुए कहा कि जिस सरकार के निर्देश पर मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाया गया था, उस सरकार की तत्कालीन मुख्यमंत्री को भी इस साल दिल्ली में इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “पिछले साल सूर्यनगर में मां काली को प्रिजन वैन में चढ़ाया गया था। जिस मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह घटना हुई, उन्हें भी इस साल महालया के दिन दिल्ली में प्रिजन वैन में चढ़ना पड़ा। यही सनातन की ताकत है। यही मां दुर्गा और मां काली की असली शक्ति है। हमेशा किसी का समय एक जैसा नहीं रहता।”
क्या था सूर्यनगर में काली प्रतिमा से जुड़ा विवाद?
वर्ष 2025 में दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप के सूर्यनगर में काली प्रतिमा में तोड़फोड़ की घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई थी। इसके बाद तत्कालीन आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव के नेतृत्व में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की थी।
उस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किए जाने और मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में रखकर थाने ले जाने की बात सामने आई थी। इस घटना को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा था।
रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी ने इस मामले में तत्कालीन आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का निर्देश भी दिया था। अब शुभेंदु अधिकारी ने इसी पुराने विवाद को उठाकर पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोला है।
पथराव का जिक्र कर राजनीतिक बदलाव पर कही बात
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सभा में अपने पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय कुछ लोगों ने उन पर पत्थर फेंककर उनका अपमान करने की कोशिश की थी। लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद वही लोग उनका स्वागत कर रहे हैं।
उन्होंने इसे राज्य में आए राजनीतिक बदलाव से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। सभा में उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सुंदरबन के विकास के लिए 1,200 करोड़ रुपये देने का दावा
राजनीतिक हमले के साथ-साथ शुभेंदु अधिकारी ने सुंदरबन और काकद्वीप के विकास को लेकर भी कई घोषणाएं और दावे किए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना और लंबे समय से विकास की प्रतीक्षा कर रहे सुंदरबन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।
पूर्ववर्ती सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले सुंदरबन के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन केवल 200 करोड़ रुपये के काम हुए। उन्होंने शेष राशि के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार ने सुंदरबन के विकास के लिए 1,200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हालांकि, पूर्ववर्ती सरकार के खर्च और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर भी दिया संदेश
सभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने घुसपैठियों और आतंकियों के खिलाफ सतर्क रहने की बात कही। अपने भाषण में उन्होंने कुछ समूहों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के नेताओं के खिलाफ शिकायत रखने वाले लोगों से नए सिरे से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
शुभेंदु ने वर्ष 2021 के चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान अत्याचार करने के आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब कानून का शासन स्थापित हो चुका है।
काकद्वीप की इस सभा में धार्मिक आस्था, पुरानी घटनाओं, कथित वित्तीय अनियमितताओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के जरिए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार को निशाने पर लिया। उनके बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या होती है, इस पर अब नजर रहेगी।
































