दिसंबर तक कोलकाता पुलिस में होंगी 4 हजार नियुक्तियां : मुख्यमंत्री शुभेंदु
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पुलिस भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया है। नेताजी इंडोर स्टेडियम में नवनियुक्त पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2026 तक कोलकाता पुलिस में 4,000 पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी। इसके अलावा, 9,000 पुलिस पदों पर नई भर्ती के लिए नवंबर में अधिसूचना जारी की जाएगी। वहीं, पुलिस विभाग में 650 ग्रुप-सी क्लर्कों की नियुक्ति लोक सेवा आयोग (PSC) के माध्यम से की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगले दो वर्षों में पश्चिम बंगाल पुलिस की संख्या उत्तर प्रदेश पुलिस से अधिक हो जाएगी। कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस भर्ती के साथ महंगाई भत्ता (DA), सातवें वेतन आयोग और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया।
दिसंबर तक कोलकाता पुलिस में 4 हजार नियुक्तियां
नेताजी इंडोर स्टेडियम में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस विभाग में खाली पदों को भरने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है।
उन्होंने घोषणा की कि दिसंबर के अंत तक कोलकाता पुलिस में 4,000 लोगों की भर्ती पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 9,000 पुलिस पदों पर नई भर्ती के लिए नवंबर में पुलिस भर्ती बोर्ड अधिसूचना जारी करेगा।
पुलिस विभाग में 650 ग्रुप-सी क्लर्कों की नियुक्ति भी प्रस्तावित है। इन पदों पर भर्ती लोक सेवा आयोग के जरिए की जाएगी।
पिछली सरकार पर भर्ती में देरी का आरोप
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक नीतियों और कानूनी विवादों को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ होता, तो हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र देना संभव नहीं हो पाता।
मुख्यमंत्री के अनुसार, OBC सूची से जुड़े विवादों और कानूनी अड़चनों के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से कानूनी रास्ता निकालकर लंबित नियुक्तियों को आगे बढ़ाया।
हालांकि, भर्ती और आरक्षण से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों और न्यायिक फैसलों से ही स्पष्ट होगी।
सिविक वॉलंटियर के बजाय प्रशिक्षित कांस्टेबलों पर जोर
पुलिस व्यवस्था में सिविक वॉलंटियर की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों का संचालन प्रशिक्षित पुलिस कांस्टेबलों के जरिए होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिविक वॉलंटियर के प्रति सरकार का कोई विरोध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिविक वॉलंटियर के वेतन में पहले ही 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में सभी भर्तियां पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से की जाएंगी।
DA और सातवें वेतन आयोग पर भी बड़ा बयान
राज्य सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और वेतन आयोग को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के DA में पहले 42 प्रतिशत का अंतर था और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 20 प्रतिशत DA का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को जल्द ही 38 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, DA की मौजूदा दर, बकाया भुगतान और आगे की बढ़ोतरी की समयसीमा को लेकर आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट अंतिम रूप से प्राप्त होने के बाद उसे जल्द लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
अगले दो वर्षों में पुलिस बल बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगले दो वर्षों में पश्चिम बंगाल पुलिस की कुल संख्या उत्तर प्रदेश पुलिस से अधिक हो जाएगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य में चरणबद्ध तरीके से रिक्त पदों को भरने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने युवाओं से सरकार पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने और भर्ती से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।































