कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अब आपातकालीन सहायता के लिए लोगों को 100 की जगह 112 नंबर पर फोन करना होगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड से राज्य पुलिस की नई आपातकालीन सेवा ‘डायल 112’ की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने राज्य के 450 पुलिस थानों को एक-एक 112 सेवा वाहन और मोटरसाइकिल भी सौंपी, ताकि आपातकालीन स्थिति में पुलिस जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की यह सेवा देश के कई हिस्सों में पहले से संचालित है, लेकिन पश्चिम बंगाल में अब इसे शुरू किया गया है। सरकार का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया को तेज करना और आम लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है।
हर थाने में बनाई जाएगी 20 पुलिसकर्मियों की टीम
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि अगले एक साल के भीतर राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने को तीन अतिरिक्त गाड़ियां और मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए हर थाने में 20 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम बनाई जाएगी। इस टीम में पांच महिला पुलिसकर्मी भी शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री ने मौजूदा ‘डायल 100’ सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह सेवा प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही थी। नई व्यवस्था के जरिए पुलिस की पहुंच और त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सीबीआई, एनआईए और ईडी से कम नहीं राज्य पुलिस की क्षमता: शुभेंदु
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्यक्षमता और अधिकारियों की प्रतिभा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस की दक्षता किसी भी केंद्रीय जांच एजेंसी से कम नहीं है। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों की क्षमता का पहले पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया और पिछली सरकार के दौरान पुलिस के बुनियादी ढांचे में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “मैं खुद पहले छोटी-छोटी बातों पर सीबीआई, एनआईए और ईडी से जांच कराने की मांग करता था।”
उन्होंने पुलिसकर्मियों से बिना किसी दबाव के ईमानदारी और पूरी क्षमता के साथ काम करने की अपील की। बीरभूम के कथित पत्थर माफिया टुलु मंडल से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने जिले के पुलिस अधीक्षक की तारीफ की। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की मदद लेने की भी जरूरत नहीं पड़ी।
नशे, बाल विवाह और महिला अपराधों पर सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मादक पदार्थों के कारोबार, नशीले पदार्थों की बिक्री, बाल विवाह और महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह के अपराध में राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संस्थागत भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में भी राजनीतिक पहचान और धर्म से ऊपर उठकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। सरकार का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पूजा से पहले पुलिस में 11 हजार से अधिक कांस्टेबलों की भर्ती
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस भर्ती को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं को दूर कर दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल पुलिस में 11 हजार से अधिक कांस्टेबलों को शामिल किया जाएगा।
नई आपातकालीन सेवा, पुलिसकर्मियों की विशेष टीम, अतिरिक्त वाहनों और प्रस्तावित भर्ती के जरिए राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने का दावा कर रही है।































