बोलीं – आंदोलन के समय दूर रहना उचित नहीं
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुईं। राजधानी में चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों का आंदोलन चल रहा है। दिल्ली रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में दिल्ली जाने और कार्यक्रम में शामिल होने का उनका इरादा नहीं था, लेकिन आयोजकों के व्यक्तिगत आग्रह और आंदोलन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपना फैसला बदला।
ममता बनर्जी ने कहा कि जब किसी महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर आंदोलन चल रहा हो, तब उससे दूर रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं और ऐसे समय में उनके साथ खड़ा होना जरूरी है।
पूजा के बीच आंदोलन में शामिल होना जरूरी
ममता बनर्जी ने कहा कि फिलहाल पूजा का मौसम है और सभी लोग दुर्गापूजा की तैयारियों और उत्सव में व्यस्त हैं। इसके बावजूद उन्हें लगा कि इस आंदोलन में शामिल होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब लोग किसी महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हों, तब हमें उनके साथ खड़ा होना चाहिए। ऐसे समय में हमारी गैरमौजूदगी सही संदेश नहीं देगी।
ममता ने यह भी कहा कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में वह शामिल हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी संबंधित लोगों से बातचीत और संपर्क बना हुआ है तथा उनकी ओर से समर्थन भी दिया गया है। आगे की भागीदारी पर बाद में फैसला लिया जाएगा।
प्रियंका गांधी के साथ व्यवहार पर जताई नाराजगी
ममता बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से जुड़े घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन जिस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, वे चिंता की बात हैं।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह सही नहीं था। ममता ने कहा कि हर घर में महिलाएं, मां और बच्चे होते हैं और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उनका सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक आंदोलन के नाम पर परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना या उन्हें डराना उचित नहीं है।
राजनीतिक कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों पर हमले का मुद्दा उठाया
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कालिम्पोंग, चंदननगर और रायगंज समेत कई जगहों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ वकील और कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर के आवास को भी निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। ममता ने सवाल किया कि अगर लोगों के घरों में जाकर परिवारों को डराया जा रहा है, तो क्या यह स्वीकार्य है? उन्होंने पूछा कि क्या पहले कभी इस तरह की घटनाएं हुई हैं।
नाना पाटेकर की तारीफ
ममता बनर्जी ने अभिनेता नाना पाटेकर के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने देश और समाज के लिए बहुत काम किया है और वह बेहद लोकप्रिय व्यक्तित्व हैं।
ममता ने उनके रचनात्मक योगदान और उनकी कला की तारीफ करते हुए कहा कि उनके काम में भावनाओं और संवेदनाओं की गहरी झलक दिखाई देती है। उनका योगदान इतिहास का हिस्सा रहेगा और आने वाली पीढ़ियां भी उसे याद रखेंगी।
दिल्ली से लौटने के बाद विकास रंजन भट्टाचार्य से मिलेंगी
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ वकील और माकपा नेता विकास रंजन भट्टाचार्य से पहले ही बात कर ली है। दिल्ली से लौटने के बाद वह उनसे मुलाकात करेंगी।
उन्होंने कहा कि अगर वह आज कोलकाता में होतीं, तो दिल्ली रवाना होने से पहले ही उनसे मुलाकात करतीं। अब दिल्ली से लौटने के बाद उनसे मिलने का कार्यक्रम होगा।
ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर राजधानी में अपना विरोध तेज कर रहे हैं। उनके दिल्ली पहुंचने के बाद विपक्षी नेताओं के साथ उनकी बैठकों और आगे की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।































