कोलकाता : वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व माकपा सांसद विकासरंजन भट्टाचार्य के घर पर कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने उनके घर की खिड़की पर शराब की बोतलें फेंकीं, जिससे कांच टूट गया। घटना को लेकर विकासरंजन भट्टाचार्य ने ‘हिंदुत्ववादी गुंडों’ पर आरोप लगाया है। पुलिस ने घटना की जानकारी ली है और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है।
विकासरंजन भट्टाचार्य के अनुसार, घटना सुबह करीब 5 बजे पूर्व जादवपुर थाना क्षेत्र स्थित उनके घर पर हुई। उनका आरोप है कि सबसे पहले एक व्यक्ति स्कूटर से उनके घर के सामने पहुंचा और खिड़की के कांच को निशाना बनाकर शराब की बोतलें फेंकने लगा। उसके पीछे कुछ और लोग भी मौजूद थे।
आरोप है कि हमलावरों ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया और धमकी भी दी। विकासरंजन का कहना है कि घटना के दौरान उनके घर में काम करने वाली महिला भी मौजूद थीं और वह बाल-बाल बचीं।
सीसीटीवी में क्या दिखा?
घर के सीसीटीवी कैमरे में घटना की तस्वीरें कैद होने का दावा किया गया है। फुटेज में कथित तौर पर एक व्यक्ति चेहरे को गमछे से ढककर बाइक से घर के सामने पहुंचता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह बाइक खड़ी कर एक बैग से कांच की बोतलें निकालकर घर की ओर फेंकता नजर आ रहा है।
विकासरंजन के अनुसार, कथित हमलावर ने गाली-गलौज के साथ धमकी भी दी। उसने कथित तौर पर कहा कि ‘हम देशभक्त हैं’ और विकासरंजन को उनके खिलाफ नहीं जाने की चेतावनी दी।
हालांकि, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
विकासरंजन ने क्या कहा?
हमले को लेकर विकासरंजन भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि इसके पीछे हिंदुत्ववादी समूहों से जुड़े लोग हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित लोगों के पक्ष में कानूनी लड़ाई लड़ने वालों को डराने की कोशिश की जा रही है।
उनके मुताबिक, घटना के बाद पुलिस उनके घर पहुंची और उन्होंने पुलिस को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामले में आगे जो कानूनी कार्रवाई जरूरी होगी, वह की जाएगी।
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने मामला उठाने की तैयारी
घटना के बाद वकीलों के एक वर्ग ने चिंता जताई है। अधिवक्ता फिरदौस शमीम ने कहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ता के घर पर इस तरह का हमला गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इस घटना को कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र वी. घुगे के संज्ञान में लाया जाएगा।
पिछले कुछ समय में राज्य में वकीलों पर हमले और अदालत परिसरों में विवाद की कई घटनाओं के आरोप सामने आए हैं।
शमीम अहमद पर हमले का भी आरोप
पिछले शनिवार पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी से लौटते समय वामपंथी विचारधारा से जुड़े अधिवक्ता शमीम अहमद और उनके साथ मौजूद अन्य वकीलों पर हमले का आरोप लगा था।
शमीम अहमद के अनुसार, वह बेनाचापाड़ा में कथित तौर पर घर छोड़ चुके परिवारों से मिलने गए थे। वहां से लौटते समय पुलिस की मौजूदगी में उनकी कार पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठी, बांस और लोहे की रॉड से वाहन में तोड़फोड़ की गई। साथ मौजूद एक महिला अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार का आरोप भी उन्होंने लगाया था।
बाद में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वहां से सुरक्षित निकाले जाने की बात सामने आई थी।
सायन बनर्जी पर अंडे फेंकने का मामला
पिछले सितंबर में बारुईपुर अदालत में एसएफआई समर्थकों की ओर से पैरवी करने पहुंचे अधिवक्ता सायन बनर्जी पर अंडे फेंके जाने का आरोप लगा था। सायन ने आरोप लगाया था कि अदालत परिसर में एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
इस मामले में हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका शुरू की थी। सुनवाई के दौरान वकीलों की ओर से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अधिवक्ताओं पर हमले की घटनाओं का मुद्दा उठाया गया।
अदालत परिसरों में भी विवाद
पिछले सप्ताह बैंकशाल अदालत में भी वकीलों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार एक यूट्यूबर को अदालत में पेश किए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से अंडे फेंके जाने का आरोप लगा था।
वकीलों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया। घटना के विरोध में वकीलों ने कार्य बहिष्कार भी किया था।
इसी तरह चंदननगर महकमा अदालत के रास्ते में सेवा कार्यक्रम के तहत कथित तौर पर अल्पना बनाए जाने को लेकर भी विवाद हुआ था। विरोध करने पहुंचे कुछ वकीलों के साथ कथित मारपीट के बाद अधिवक्ताओं ने अदालत का काम बंद कर मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था।
विकासरंजन भट्टाचार्य के घर पर ताजा घटना के बाद अब पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसने और किस उद्देश्य से किया।































