अब अगले साल अप्रैल तक संभालेंगे पद
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार ने उनकी सेवा अवधि में छह महीने की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। उनका मौजूदा कार्यकाल 31 अक्टूबर को समाप्त होना था, लेकिन उससे पहले ही केंद्र की ओर से राज्य सरकार को इस संबंध में सूचना भेज दी गई।
नई मंजूरी के बाद सिद्धनाथ गुप्ता अगले साल अप्रैल तक राज्य के पुलिस महानिदेशक के पद पर बने रहेंगे।
चुनाव के दौरान बदले गए थे DGP
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक के पद में बदलाव किया था। तत्कालीन DGP पीयूष पांडे को पद से हटाकर सिद्धनाथ गुप्ता को नया पुलिस प्रमुख बनाया गया था।
सिद्धनाथ गुप्ता 1992 बैच के IPS अधिकारी हैं। DGP की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही राज्य में पुलिस प्रशासन के कई शीर्ष पदों पर भी बदलाव किए गए थे। इनमें कोलकाता पुलिस आयुक्त, राज्य पुलिस के ADG (कानून-व्यवस्था) और DG (कारागार) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल थे।
पहले भी बढ़ाया गया था कार्यकाल
सिद्धनाथ गुप्ता की सेवानिवृत्ति पहले 30 अप्रैल को होनी थी। हालांकि, उस समय चुनाव प्रक्रिया जारी होने के कारण केंद्र सरकार ने उनकी सेवा अवधि में छह महीने की बढ़ोतरी की थी।
इसके बाद उनका कार्यकाल 31 अक्टूबर तक किया गया। अब केंद्र ने एक बार फिर छह महीने की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है। इस तरह सिद्धनाथ गुप्ता अगले साल अप्रैल तक राज्य पुलिस की कमान संभालते रहेंगे।
केंद्र की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से रखा गया था। इस प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दे दी है।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह फैसला जनहित में ऑल इंडिया सर्विस (डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट्स) रूल्स, 1958 के तहत लिया गया है।
कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद सिद्धनाथ गुप्ता फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष पद पर बने रहेंगे। केंद्र के इस फैसले से राज्य के पुलिस प्रशासन में नेतृत्व की निरंतरता बनी रहने की संभावना है।































