कांग्रेस उम्मीदवार की अंतरिम जमानत रद्द करने की राज्य की मांग पर फिलहाल रोक
नयी दिल्ली : नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मंगलवार को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से दी गई उनकी अंतरिम जमानत में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए और मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से पूरी कराई जाए।
मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य की याचिका पर तत्काल कोई राहत नहीं दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 7 अक्टूबर को होगी।
जमानत पर अंतिम फैसला बुधवार को
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने निजी हितों के टकराव का हवाला देते हुए खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। इसके बाद मामले को 7 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यानी मंगलवार को होने वाले उपचुनाव के मतदान तक मिलन प्रधान चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह भी कहा गया कि फिलहाल चुनाव को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए और मतदान निष्पक्ष तरीके से कराया जाए। इससे कांग्रेस उम्मीदवार को चुनाव के लिहाज से तत्काल राहत मिल गई है।
2007 के हत्या मामले में हुई थी गिरफ्तारी
मिलन प्रधान को वर्ष 2007 के एक पुराने हत्या मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। अदालत ने निर्देश दिया था कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें हल्दिया अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। राज्य की दलील थी कि केवल चुनाव लड़ने के कारण किसी आरोपी को विशेष राहत नहीं दी जा सकती। सरकार ने कहा कि मिलन प्रधान के साथ भी सामान्य आरोपी की तरह ही व्यवहार होना चाहिए।
मतदान से एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने नहीं बदला हाई कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि फिलहाल मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने दिया जाए और चुनाव की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो। इससे मंगलवार को होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस उम्मीदवार के चुनाव मैदान में बने रहने का रास्ता साफ हो गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह ही मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग करते हुए मामले की तत्काल सुनवाई की अपील की थी। राज्य की ओर से गुरुवार को ही सुनवाई की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए सोमवार को मामला सुनने की तारीख तय की थी।
कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि मामला काफी पुराना होने के बावजूद लंबे समय तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कांग्रेस का दावा है कि मिलन को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अचानक पुलिस कार्रवाई हुई।
हालांकि राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। सोमवार को राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मिलन प्रधान के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी सरकार को उनके चुनावी नामांकन के बाद मिली।
राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि पुराने मामले में इतने वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जानकारी सरकार के पास नहीं है। इस दौरान पिछली सरकार की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि यदि मिलन प्रधान के खिलाफ वारंट लंबे समय से लंबित था, तो उसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। अदालत ने संकेत दिया कि यदि पुलिस अधिकारियों की ओर से लापरवाही हुई है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
राज्य की ओर से अदालत में इस बात पर सहमति जताई गई।
कांग्रेस ने कहा- ‘सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता’
सुप्रीम कोर्ट के रुख से कांग्रेस को फिलहाल राहत मिली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि मिलन प्रधान के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद ही कार्रवाई की गई। उन्होंने नंदीग्राम के भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर राजनीतिक उद्देश्य से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने नंदीग्राम उपचुनाव की मतगणना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी की मांग है कि मतगणना केंद्र को हल्दिया स्थानांतरित करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि मंगलवार को नंदीग्राम में मतदान के दौरान मिलन प्रधान चुनाव मैदान में मौजूद रह सकेंगे। उनकी अंतरिम जमानत को लेकर अंतिम कानूनी तस्वीर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई के बाद ही साफ होगी।































