जेल से बाहर आते ही बोले नंदीग्राम से कांग्रेस के उम्मीदवार
कोलकाता : नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल से बाहर आते ही मिलन प्रधान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि उन पर चुनाव से नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डर था कि कहीं उनका एनकाउंटर न कर दिया जाए।
‘नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था’
जेल से बाहर आने के बाद मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से उन पर नंदीग्राम उपचुनाव से नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि एक समय उन्हें आशंका होने लगी थी कि उन्हें एनकाउंटर में मार दिया जा सकता है।
मिलन ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आंखों पर गमछा बांधकर ले जाया गया था। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘न्यायपालिका पर हमेशा भरोसा रहा’
मिलन प्रधान ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने न्यायपालिका पर अपना भरोसा भी जताया। जेल से रिहा होने के बाद उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मौजूद थे और बड़ी संख्या में समर्थक भी वहां पहुंचे थे।
मिलन ने साफ किया कि जेल से बाहर आने के बाद वह तुरंत चुनाव प्रचार शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में पूजा-अर्चना के बाद प्रचार अभियान की शुरुआत की जाएगी।
‘झूठे मामलों से मुझे रोका नहीं जा सकता’
मिलन प्रधान ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर चुनाव से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
उनके मुताबिक, जनता पूरे घटनाक्रम को समझ रही है और मतदाता वोट के जरिए इसका जवाब देंगे। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हाईकोर्ट ने 20 अक्टूबर तक दी अंतरिम जमानत
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले मिलन प्रधान को 2007 के भूमि आंदोलन से जुड़े कई पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया।
मंगलवार को जस्टिस तीर्थंकर घोष की पीठ ने 25 हजार रुपये के निजी बॉन्ड पर उन्हें 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के लिए दी जा रही है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलन प्रधान को हल्दिया अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा। इसके अलावा उन्हें दिन में दो बार पुलिस से फोन पर संपर्क बनाए रखना होगा।
राज्य सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने 24 घंटे के भीतर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की।
राज्य की ओर से दलील दी गई थी कि केवल चुनाव लड़ने के आधार पर किसी आरोपी को जमानत देने की मिसाल उचित नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने राज्य की तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम में उपचुनाव
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव होना है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद चुनाव प्रचार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
अब अंतरिम जमानत मिलने और जेल से रिहाई के बाद मिलन प्रधान ने चुनाव प्रचार शुरू करने की घोषणा की है। ऐसे में नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के अभियान को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।































