कोलकाता : भवानीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजे को चुनौती देने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनाव याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मौजूदा मुख्यमंत्री और BJP उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी को चुनाव में कथित धांधली के आरोपों पर अपना लिखित जवाब दाखिल करने के लिए गुरुवार तक का समय दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस गौरांग कांत की अदालत में हुई।
ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने भवानीपुर चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई थीं और इन्हीं के कारण शुभेंदु अधिकारी चुनाव जीते।
पहले भी मांगा गया था जवाब दाखिल करने के लिए समय
इस मामले की पिछली सुनवाई अगस्त में हुई थी। उस दौरान शुभेंदु अधिकारी की ओर से पेश अधिवक्ता जॉयदीप कर ने लिखित जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा था। कोर्ट ने तब तीन सप्ताह की मोहलत दी थी। अब अदालत ने जवाब दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा गुरुवार तक कर दी है।
इससे पहले जून में हाई कोर्ट ने चुनाव से संबंधित दस्तावेजों, CCTV फुटेज, EVM और VVPAT को सुरक्षित रखने का निर्देश चुनाव आयोग को दिया था। अदालत का यह आदेश ममता बनर्जी की चुनाव याचिका के बाद आया था, जिसमें मतगणना के दौरान कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे।
ममता की याचिका में क्या आरोप?
ममता बनर्जी की ओर से आरोप लगाया गया है कि भवानीपुर में मतगणना के दौरान, खासकर 12वें राउंड के बाद, गंभीर अनियमितताएं हुईं। याचिका में दावा किया गया कि एक काउंटिंग एजेंट के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे मतगणना केंद्र से बाहर निकाल दिया गया।
इसके अलावा यह आरोप भी लगाया गया कि खुद उम्मीदवार ममता बनर्जी को मतगणना केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना है।
15 हजार से ज्यादा वोटों से हारी थीं ममता
2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर BJP उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था। इसके बाद ममता की ओर से चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
अदालत ने मामले में शुभेंदु अधिकारी के अलावा तत्कालीन विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता और तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को भी पक्षकार बनाए जाने का निर्देश दिया था।
नंदीग्राम चुनाव का भी किया गया जिक्र
ममता बनर्जी के वकील कल्याण बनर्जी ने सुनवाई के दौरान 2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव का भी संदर्भ दिया। उनका आरोप है कि नंदीग्राम चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका निभाने वाले अधिकारी को बाद में भवानीपुर विधानसभा चुनाव में भी रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया।
कल्याण बनर्जी ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी और वर्तमान मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल का भी उल्लेख किया। याचिका पक्ष की ओर से चुनाव के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
मंगलवार की सुनवाई में कल्याण बनर्जी खुद अदालत में मौजूद नहीं थे। उनकी ओर से उनके बेटे शीर्षन्य बनर्जी ने अदालत में पक्ष रखा।
अब सभी की नजर शुभेंदु अधिकारी की ओर से दाखिल किए जाने वाले लिखित जवाब पर है। इसके बाद अदालत इस चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी।































