कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कोलाघाट स्थित किराए के मकान और कार्यालय में पुलिस की तलाशी से जुड़े मामले को कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि तलाशी के पीछे राजनीतिक उद्देश्य था। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक या संबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई और बाद में एक खाली जब्ती सूची तैयार की गई।
2024 में लोकसभा चुनाव से पहले हुई थी तलाशी
यह मामला वर्ष 2024 का है, जब लोकसभा चुनाव से पहले कोलाघाट स्थित शुभेंदु अधिकारी के किराए के घर में पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था। उस समय अधिकारी विपक्ष के नेता थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की एक बड़ी टीम उनके घर और कार्यालय परिसर में पहुंची थी। तलाशी की कार्रवाई को लेकर शुभेंदु अधिकारी की ओर से सवाल उठाए गए थे और इसे राजनीतिक उद्देश्य से की गई कार्रवाई बताया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था।
पुलिस ने अदालत में क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान कोलाघाट थाने की ओर से हाई कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई। पुलिस ने अदालत को बताया कि तलाशी से कुछ भी बरामद नहीं हुआ था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि तलाशी के बाद खाली सीजर लिस्ट यानी जब्ती सूची तैयार की गई थी। चूंकि तलाशी में कोई सामग्री नहीं मिली, इसलिए जांच को आगे नहीं बढ़ाया गया।
पुलिस ने अदालत में यह भी कहा कि उस समय की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक उद्देश्य था। हालांकि, यह पुलिस की ओर से अदालत में दी गई रिपोर्ट का हिस्सा है।
हाई कोर्ट ने मामला किया खारिज
पुलिस की रिपोर्ट और मामले से जुड़े रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी इस याचिका/कार्यवाही को खारिज कर दिया।
मामले में मुख्य विवाद तलाशी की वैधता और उसके पीछे के उद्देश्य को लेकर था। अदालत के समक्ष पुलिस की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि तलाशी के दौरान कोई सामग्री नहीं मिली थी।
चुनाव से पहले कार्रवाई को लेकर उठा था विवाद
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कोलाघाट में शुभेंदु अधिकारी के किराए के मकान पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ था। उस समय अधिकारी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे साजिश बताया था। वहीं अब अदालत में पुलिस की रिपोर्ट में भी तलाशी के पीछे राजनीतिक उद्देश्य का उल्लेख सामने आया है।































