पूजा के बाद जारी हो सकता है नोटिफिकेशन
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद अब नगर निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य चुनाव आयोग की ओर से कोलकाता समेत सात नगर निकायों में नवंबर के दौरान चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों का मौसम खत्म होने के बाद 27 या 28 अक्टूबर को चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है। इसके बाद 28 या 29 नवंबर को मतदान और 2 दिसंबर को मतगणना कराने की प्रारंभिक योजना बताई गई है। हालांकि, अंतिम तारीखों की घोषणा आयोग की अधिसूचना के बाद ही होगी।
किन सात नगर निकायों में होगा चुनाव ?
प्रारंभिक योजना के अनुसार चुनाव कोलकाता, हावड़ा, बाली, हल्दिया, धूपगुड़ी, कलिम्पोंग और कर्सियांग में होना है। इन सात निकायों में कुल करीब 6,301 बूथ बनाए जाने की बात सामने आई है। चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राज्य चुनाव आयुक्त कृष्णा गुप्ता संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों और मतदान व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
इससे पहले भी राज्य चुनाव आयोग ने लंबित निकाय चुनावों के लिए जिलों को वार्ड से जुड़े काम और EVM की जांच जैसी तैयारियां पूरी करने को कहा था। रिपोर्टों के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM का इस्तेमाल निकाय चुनावों में भी किया जा सकता है।
हावड़ा में 13 साल से नहीं हुआ चुनाव
इन चुनावों में हावड़ा नगर निगम पर खास नजर रहेगी। यहां पिछला चुनाव 2013 में हुआ था और निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल 2018 में समाप्त हो गया था। इसके बाद से यहां निर्वाचित बोर्ड की जगह प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए नगर सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
नई सरकार के गठन के बाद लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुई हैं। नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी हावड़ा समेत लंबित निकाय चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक की थी।
15 नगर निकायों में निर्वाचित बोर्ड नहीं
राज्य में फिलहाल कई नगर निकाय ऐसे हैं जहां निर्वाचित बोर्ड नहीं हैं। इनमें हावड़ा के अलावा दुर्गापुर, डोमकल, रायगंज, बुनियादपुर, पुजाली, मिरिक, पांसकुरा, कूपर्स कैंप और नलहाटी समेत कई निकाय शामिल हैं। राज्य चुनाव आयोग की तैयारियों से संकेत मिलता है कि लंबित चुनावों को चरणबद्ध तरीके से कराने की कोशिश की जा रही है।
अगले साल 112 और निकायों का कार्यकाल होगा खत्म
नगर निकाय चुनाव की चुनौती केवल इन लंबित निकायों तक सीमित नहीं है। राज्य में 112 और नगर निकायों के निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल अगले साल की शुरुआत में समाप्त होने वाला है। ऐसे में लंबित निकायों के साथ-साथ समय पर कार्यकाल पूरा होने वाले निकायों में चुनाव कराना भी राज्य सरकार और चुनाव आयोग के लिए अहम प्रशासनिक चुनौती होगी।
फिलहाल सबसे पहले नजर अक्टूबर के अंत में संभावित अधिसूचना पर है। अगर आयोग की शुरुआती समयसीमा कायम रहती है, तो पूजा के बाद बंगाल में नगर निकाय चुनाव का औपचारिक कार्यक्रम सामने आ सकता है।
































