12 अक्टूबर तक नए केस में कार्रवाई पर रोक
कोलकाता : नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ सामने आए नए मामले में 12 अक्टूबर तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्हें इस मामले में गिरफ्तार भी नहीं दिखाया जा सकेगा। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है।
नए केस में गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट की रोक
गुरुवार को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। मिलन प्रधान की ओर से अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से पहले दिए गए आश्वासन के बावजूद उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि लगातार नए मामलों में कार्रवाई से मिलन प्रधान के चुनाव प्रचार और उपचुनाव लड़ने की क्षमता प्रभावित हो रही है।
राज्य सरकार ने गिरफ्तारी को लेकर क्या कहा?
राज्य की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने अदालत को बताया कि जिस मामले को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, उसमें गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी। राज्य सरकार के अनुसार, गिरफ्तारी 19 सितंबर को हुई थी और मामला बाद में अदालत के सामने आया।
हालांकि, मिलन प्रधान के वकील ने इस दलील का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार के खिलाफ बुधवार को भी एक नया मामला दर्ज किया गया है।
2021 के गिरफ्तारी वारंट पर कोर्ट ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि जब पहले अदालत को बताया गया था कि गिरफ्तारी वाले मामले के अलावा कोई दूसरा मामला लंबित नहीं है, तो मिलन प्रधान को दूसरे मामले में हिरासत में क्यों लिया गया।
अदालत ने 2021 में जारी कथित गिरफ्तारी वारंट को लेकर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने पूछा कि यदि वारंट उसी समय जारी किया गया था, तो सितंबर 2026 तक जांच अधिकारी ने उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
राज्य ने चुनाव आयोग के निर्देश का दिया हवाला
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि पिछली सरकार इन मामलों को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी और अब चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, अदालत ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही नए मामले में कार्रवाई नहीं करने का संकेत दे चुकी थी। इसी आधार पर कोर्ट ने फिलहाल अन्य लंबित मामलों में भी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।
चुनाव तक सुरक्षा की मांग
मिलन प्रधान की ओर से अदालत में चुनाव तक सुरक्षा की मांग भी की गई है। उनके वकील ने बताया कि उम्मीदवार 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
मिलन प्रधान को पिछले शुक्रवार को करीब 19 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान नंदीग्राम और खेजुरी थानों में उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, गैरकानूनी जमावड़ा और लूटपाट जैसे आरोप शामिल हैं।
पुराने मामलों में स्थिति पर नजर
हाई कोर्ट के ताजा आदेश से मिलन प्रधान को नए मामले में फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, पुराने मामलों में उनकी हिरासत और 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के दौरान उनकी कानूनी स्थिति को लेकर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
































