CM सुवेंदु बोले- ‘पिछली सरकार में सब कुछ नेगेटिव था
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को मिलन मेले में आयोजित भूमि आवंटन कार्यक्रम के दौरान कहा कि दुर्गापूजा से पहले राज्य की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों को बंगाल में निवेश के लिए भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार कारोबारियों को जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों से जबरन वसूली या धमकी की शिकायतों के लिए 155-335 टोल-फ्री नंबर शुरू किया गया है। यदि किसी कारोबारी को धमकी दी जाती है या उससे पैसे की मांग की जाती है, तो वह इस नंबर पर शिकायत कर सकता है। सरकार ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई करेगी।
CPM और पिछली TMC सरकार पर निशाना
औद्योगिक माहौल को लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य की पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि CPM के लंबे शासन के दौरान उद्योगों को लेकर नीतियां नकारात्मक रहीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने औद्योगिकीकरण की दिशा में प्रयास जरूर किए, लेकिन उनकी पार्टी के भीतर इसे लेकर पर्याप्त समर्थन नहीं था।
उन्होंने सिंगूर का उदाहरण देते हुए कहा कि ममता बनर्जी की नीतियों के कारण टाटा ने पश्चिम बंगाल से अपना प्रोजेक्ट वापस ले लिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल यह कहना कि जमीन उपलब्ध नहीं कराई जाएगी और जमीन उद्योगपति खुद तलाशें, इसे प्रभावी लैंड पॉलिसी नहीं कहा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल सरकार की औद्योगिक नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस सरकार के दौर में निवेश के बजाय अलग-अलग तरह के भत्तों पर ज्यादा जोर था। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का फंड तैयार किया है।
अंबानी और अडानी के निवेश का जिक्र
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उद्योग जगत के बड़े कारोबारी समूह पश्चिम बंगाल में निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुकेश अंबानी का समूह राज्य में करीब पांच से छह क्षेत्रों में काम करने में रुचि रखता है और उसकी टीम जल्द बंगाल आएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुरुवार को गौतम अडानी के अस्पताल का भूमि पूजन प्रस्तावित है। इसके अलावा केंद्र की UDAN योजना के तहत अगले सप्ताह समझौते होने की बात कही गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, कलाइकुंडा, बालुरघाट और पुरुलिया समेत राज्य में कुल पांच एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे।
33 कंपनियों को जमीन, 60 हजार करोड़ के निवेश का दावा
मिलन मेले में बुधवार को कुल 33 औद्योगिक कंपनियों को जमीन आवंटित की गई। राज्य सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और करीब 62 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जिन क्षेत्रों के लिए जमीन आवंटित की गई है, उनमें सेमीकंडक्टर, डिफेंस और गोला-बारूद, सोलर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा, स्टील, फूड प्रोसेसिंग, MSME, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर शामिल हैं।
2029 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
राज्य के उद्योग मंत्री तपस रॉय ने कहा कि सभी परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि दिसंबर 2029 की समयसीमा से पहले ही परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा सके।
































