पुराने वोटर लिस्ट से फिर चुनाव कराने की मांग की
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव को रद्द कर पुराने, यानी SIR से पहले के वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया और चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों का वोट उन्हें वापस मिलना चाहिए। ममता ने यह भी कहा कि अगर CEC के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो युवा, महिलाएं और आम लोग आंदोलन में शामिल होंगे।
चुनाव आयोग में मतभेद की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
ममता का बयान ऐसे समय आया है जब The Indian Express की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में SIR, नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ कदमों को लेकर ‘अनधिकृत’ और ‘अवैध’ होने की आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया है।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर दिया जवाब
चुनाव आयोग ने कहा है कि आयोग के सभी फैसले और आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। आयोग के मुताबिक, ड्राफ्टिंग के दौरान लिखित टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा कि SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से हुए हैं।
यानी एक तरफ Indian Express की रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज आपत्तियों का विवरण सामने आया है, वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि इन आंतरिक टिप्पणियों को आयोग के अंतिम फैसलों में असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनाव चिह्न विवाद भी उठाया
ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक हमले के दौरान तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। चुनाव आयोग ने हाल में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच ममता गुट को नया नाम ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है।
ममता ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने चुनाव आयोग के बचाव में कहा कि आयुक्तों के बीच आधिकारिक विचार-विमर्श लोकतांत्रिक संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।
इस पूरे विवाद के बीच SIR, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
































