रामकृष्ण मिशन भाषा विद्यालय, गोलपार्क में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हिंदी सप्ताह समारोह
कोलकाता : गोलपार्क स्थित रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर के रामकृष्णानंद सभागृह में हिंदी सप्ताह समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर, भाषा विद्यालय और पश्चिमबंग राष्ट्रभाषा प्रचार सभा, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर के सचिव स्वामी तत्वसरानंद जी महाराज ने किया। इस अवसर पर भाषा विद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सबुज कलि सेन, निवेदिता चेयर के प्रोफेसर शक्ति प्रसाद मिश्र, पश्चिमबंग राष्ट्रभाषा प्रचार सभा के सचिव दिनेश यादव, कार्याध्यक्ष श्यामाप्रसाद उपाध्याय और तापस कुशारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन आरएमआईसी की अंग्रेजी भाषा शिक्षिका और हिंदी रत्ना की छात्रा बबिता मल्लिक ने किया। समारोह की शुरुआत भाषा विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा ‘एक हृदय हो भारत जननी’ गीत की प्रस्तुति से हुई।
हिंदी संपर्क भाषा की भूमिका निभा रही है
उद्घाटन भाषण में स्वामी तत्वसरानंद जी महाराज ने हिंदी दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विभिन्न भाषाओं को जोड़ने का काम कर रही है और संपर्क भाषा की भूमिका निभा रही है। उन्होंने हिंदी साहित्य के इतिहास और प्रसिद्ध साहित्यकारों के योगदान की संक्षिप्त जानकारी देते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
भाषा विद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सबुज कलि सेन ने हिंदी भाषा के प्रचार और प्रसार में रामकृष्ण मिशन भाषा विद्यालय की भूमिका पर प्रकाश डाला।
निवेदिता चेयर के प्रोफेसर शक्ति प्रसाद मिश्र ने अपने संबोधन में हिंदी को सहज भाषा बताते हुए कहा कि यह आम आदमी के मन की भावनाओं को व्यक्त करने का स्वाभाविक माध्यम है।
साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
पश्चिमबंग राष्ट्रभाषा प्रचार सभा के सचिव दिनेश यादव ने ‘हिंदी साहित्य के भाषिक स्वरूप’ विषय पर शिक्षाप्रद वक्तव्य दिया। सभा के कार्याध्यक्ष श्यामाप्रसाद उपाध्याय ने हिंदी दिवस के महत्व पर विचार रखे। वहीं, 24 परगना राष्ट्रभाषा प्रचार परिषद के सचिव तापस कुशारी ने ‘राजभाषा और प्रांतीय भाषा’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
समारोह में रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर के छात्र-छात्राओं ने कबीर के दोहे, भजन, स्वरचित कविता पाठ, हिंदी रवींद्र संगीत, श्रुति नाटक, गालिब की शायरी, बांग्ला कविता पाठ, हिंदी दिवस के महत्व पर वक्तव्य और निबंध पाठ सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में सुमन कुंडु, बिदिशा करिम, अजय कुमार, पूजा पाल चौधरी, प्रतिमा गांगुली, श्रींका नाइया, सुमन राय, सहेली कोले, रौनक बरुआ, वीणा विश्वास, अनिमा पाल, सुखेन पाल, संचयिता गुछाइत, शर्मिष्ठा साव, सुलेखा शिकदार और वर्णाली सेन सहित कई छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
अंत में हिंदी शिक्षिका संगीता यादव ने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन के साथ हिंदी सप्ताह समारोह का समापन हुआ।
































