मंत्री शरदवत के सामने विधायक पीयूष ने उठाए सवाल
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सत्ता में आने के कुछ महीनों बाद ही पार्टी की एक बैठक में वसूली, सिंडिकेट और प्रमोटरों को लेकर दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी बहस सामने आई। राजारहाट-न्यू टाउन के विधायक पीयूष कनोडिया ने स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी के सामने स्थानीय स्तर पर कथित वसूली और सिंडिकेट गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठाए।
बैठक के दौरान पीयूष ने कहा कि वह यह मानने को तैयार नहीं हैं कि इलाके में जबरन वसूली नहीं हो रही है। उन्होंने दम दम पार्क का जिक्र करते हुए कहा कि इलाके में पहले भी सिंडिकेट गतिविधियों को लेकर विवाद रहे हैं और उन्होंने अपने क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देने की कोशिश की है।
‘प्रमोटरों को फोन कर बुलाया जा रहा है’
पीयूष ने आरोप लगाया कि कुछ प्रमोटरों को इलाके में दोबारा सक्रिय होने के लिए फोन किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को इतने वर्षों तक इलाके से दूर रखा गया, उन्हें अब राजनीतिक संरक्षण के जरिए वापस आने की अनुमति क्यों दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि रात में कुछ लोग इलाके में आते हैं और स्थानीय महिलाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की घटनाएं भी सामने आई हैं। पीयूष ने सवाल किया कि ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय क्यों नहीं मिला।
स्ट्रीट लाइटिंग कॉन्ट्रैक्ट पर भी सवाल
विधायक ने दक्षिण दमदम नगरपालिका से जुड़े एक स्ट्रीट लाइटिंग कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति को 18 स्थानों से जुड़े काम का ठेका मिला है। पीयूष ने मंत्री से पूछा कि यह कॉन्ट्रैक्ट किस आधार पर दिया गया और इसके पीछे किसका समर्थन था।
बैठक में इस सवाल के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
शरदवत ने कहा- ‘सभी आरोपों को गलत नहीं कहूंगा’
मंत्री शरदवत मुखर्जी ने भी बैठक में वसूली और सिंडिकेट से जुड़े आरोपों के सामने आने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों की शिकायतें मिली हैं, जो अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहते।
शरदवत के मुताबिक, अगर बड़ी संख्या में लोग अपनी पहचान छिपाकर शिकायत कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि पार्टी और प्रशासन लोगों के बीच पर्याप्त भरोसा पैदा करने में सफल नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह यह दावा नहीं करेंगे कि इलाके में सब कुछ पूरी तरह ठीक है। उनका कहना था कि वह कमियों को सुनने और उन्हें दूर करने के उद्देश्य से आए हैं।
‘रिश्वत नहीं लूंगा और किसी को लेने नहीं दूंगा’
शरदवत ने कहा कि वसूली, सिंडिकेट और प्रमोटरों से पैसे लेने को लेकर कई आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इन शिकायतों को मनगढ़ंत मान सकते हैं, लेकिन वह शिकायतकर्ताओं की बात को गंभीरता से ले रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद रिश्वत नहीं ले रहे हैं, न लेंगे और न ही किसी दूसरे को रिश्वत लेने देंगे।
बैठक के बाद भी जारी रही बयानबाजी
बैठक के बाद पीयूष ने कहा कि दम दम पार्क उनका अपना इलाका है और स्थानीय लोग उनसे मिलने के लिए वहां पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी किसी को इलाके में आतंक या दबदबा कायम करने की अनुमति नहीं दी।
दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से हुई इस तीखी बहस ने राज्य बीजेपी के भीतर राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है। खास तौर पर पार्टी के सत्ता में आने के कुछ ही महीनों बाद वसूली, सिंडिकेट और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव को लेकर उठे सवालों को लेकर अब पार्टी के भीतर आगे की कार्रवाई और जवाबदेही पर नजर रहेगी।































