कोलकाता: सेवा करना चाहे जिस रूप में हो वास्तव में राम जी काज ही है.जो सेवा करता है राम जी का प्यारा बन जाता है .राम जी की सेवा करने के लिए ही रुद्रावतार के रूप में हनुमान जी आए. सुन्दरकाण्ड में ही सेवा से प्रसन्न होकर भगवान राम और भगवती सीता जी हनुमान को पुत्र के रूप में स्वीकार किया.सुन्दरकाण्ड जीवन को सुंदर बनाता है.
यें बातें सत्संग भवन ट्रस्ट मंडल व स्वामी विश्वदेवानंद चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रीराम कथा के अन्तर्गत सुन्दरकाण्ड पर प्रवचन करते हुए गृहस्थ पुरुषोत्तम तिवारी ने सत्संग भवन के स्वामी कृष्णानंद सभागार में कहीं.यह कथा पद्मश्री से सम्मानित साहित्यकार डॉ कृष्णबिहारी मिश्र की पावन स्मृति में आयोजित की गई है.इस मौके पर 351से अधिक विद्यार्थियों को दो-दो महीने की ट्यूशन फीस के रूप में लगभग सात लाख रुपए वितरित किया गया.अवसर पर डा.प्रेमशंकर त्रिपाठी,बबीता दीवान, सृष्टि सिंह,विनीत सामवेदी,रंजन चौबे,आकाश शर्मा,सूरज शर्मा,विनीत गोयल, सहित मेधावी विद्यार्थियों ,शिक्षकों को सम्मानित किया गया. कथा को सफल बनाने में आचार्य श्रीकांत शर्मा’बालव्यास ‘ लक्ष्मीकांत तिवारी, सुशील गोयनका,पद्मश्री से सम्मानित सज्जन भजनका,सजन कुमार बंसल,मुरारीलाल दीवान,सुमन- ओम जालान,धीरज अग्रवाल, अशोक बाजोरिया, बनवारीलाल लाल सोती,विनय दुबे,सुरेंद्र अग्रवाल,वर्षा अग्रवाल, महावीर प्रसाद रावत, दीपक मिश्र, जयप्रकाश सिंह,अशोक चूड़ीवाल,सहित अन्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही.इस अवसर स्वामी पुस्करानन्द महाराज, जय प्रकाश मिश्र, नवीन मिश्र, भोला प्रसाद सोनकर, विनीत गोयल, शंकर लाल सोमानी सोमानी,अभय पांडेय, सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.
कार्यक्रम का संचालन रमेश शुक्ल ने किया.
































