कोलकाता : साल्बोनी जमीन मामले की जांच में CID ने मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की। जांच अधिकारी अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को लेकर कालीघाट स्थित एक फ्लैट में पहुंचे और वहां करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट अभिषेक बनर्जी के घर के ठीक बगल में है।
कोर्ट के आदेश के बाद सुमित फिलहाल CID की हिरासत में है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे के बाद जांच अधिकारी उसे लेकर कालीघाट पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, जिस फ्लैट में तलाशी ली गई, वह सुमित का बताया जा रहा है। सुमित की मौजूदगी में अधिकारियों ने फ्लैट के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली और कुछ जरूरी जानकारियां जुटाईं।
नई जानकारी मिलने के बाद तलाशी की अटकलें
CID की टीम करीब दो घंटे तक फ्लैट में रही। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तलाशी किस विशेष जानकारी या सुराग के आधार पर की गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच के दौरान CID को सुमित से जुड़ी कोई नई जानकारी मिली है, जिसके आधार पर कालीघाट के इस फ्लैट की तलाशी ली गई।
सुमित रॉय को साल्बोनी जमीन मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में सुमित और उसके सहयोगियों की भूमिका रही है।
तीन और गिरफ्तारियां, CID को मिली चार दिन की हिरासत
इसी मामले में CID ने सोमवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित घोष, नित्यानंद रॉय और लक्ष्मीकांत भुइयां के रूप में हुई है। तीनों को साल्बोनी थाना क्षेत्र के गाइघाटा और मेटल गांव से गिरफ्तार किया गया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, अमित घोष को मिदनापुर के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा का करीबी सहयोगी माना जाता है। साल्बोनी निवासी शेख इमरान की ओर से दर्ज कराई गई FIR में अमित को छठा आरोपी बनाया गया है।
50 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े का आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि सुमित रॉय और उसके सहयोगियों ने 50 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन से संबंधित कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जमीन की बिक्री की। CID का दावा है कि गिरफ्तार अमित घोष भी इस कथित रैकेट का एक महत्वपूर्ण सदस्य है।
जांच सूत्रों का कहना है कि अमित के पास कथित जमीन रैकेट में सुमित की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। हालांकि अमित ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है और मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
तीनों आरोपियों की चार दिन की CID हिरासत
मंगलवार को गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को मिदनापुर CJM कोर्ट में पेश किया गया। CID ने पूछताछ के लिए आठ दिनों की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने चार दिनों की CID कस्टडी मंजूर की।
सुमित रॉय समेत इन सभी आरोपियों को अब 19 सितंबर को अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान CID की जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित जमीन फर्जीवाड़े में किस-किस की भूमिका थी और सरकारी जमीन से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेरफेर कैसे किया गया।































