मिदनापुर जिला अदालत में किया गया पेश; 19 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
मिदनापुर : तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) सुमित रॉय को साल्बोनी जमीन घोटाले के मामले में आठ दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। मिदनापुर जिला अदालत ने CID की ओर से दायर कस्टडी की अर्जी मंजूर करते हुए यह आदेश दिया। सुमित को अब 19 सितंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
सुबह CID की गाड़ी से कोर्ट पहुंचे सुमित
शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे CID की टीम सुमित रॉय को लेकर मिदनापुर जिला अदालत पहुंची। कोर्ट परिसर में लाने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए लॉक-अप में रखा गया। इसके बाद दोपहर में उन्हें अदालत की बेंच के सामने पेश किया गया। CID ने मामले की जांच और पूछताछ के लिए आठ दिन की कस्टडी की मांग की थी।
सुमित के कोर्ट पहुंचने से पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) उत्तम घोष के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने अदालत परिसर और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
वकील ने नहीं मांगी जमानत
सुनवाई के दौरान सुमित रॉय के वकील की ओर से जमानत की अर्जी नहीं दी गई। वहीं, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नाज़िम हबीब ने अदालत के सामने CID की दलीलें रखीं। इसके बाद जज ने सुमित को आठ दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पूछताछ के दौरान मौजूद रहने वाले वकील का नाम अदालत को बताया जाए।
सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा हटने के बाद गिरफ्तारी
इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुमित रॉय को मिली सुरक्षा वापस ले ली थी और उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। आदेश सार्वजनिक होने के बाद CID ने साल्बोनी जमीन घोटाले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
CID का आरोप है कि सुमित ने जांच में सहयोग नहीं किया और पूछताछ के दौरान कई अहम सवालों के जवाब देने से बचते रहे। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने उनकी हिरासत की मांग की थी।
कालीघाट स्थित घर से हुई गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CID की टीम भारी पुलिस बल के साथ कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी। उस समय अभिषेक बनर्जी आंखों के इलाज के लिए विदेश में थे।
घर के बाहर पुलिस और सुरक्षा गार्डों के बीच कुछ देर तनाव की स्थिति भी बनी। इसके बाद CID अधिकारी घर के अंदर पहुंचे। दरवाजा खुलने के बाद सुमित रॉय बाहर आए और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद सुमित को पहले भवानी भवन ले जाया गया। वहां से उन्हें मेडिकल जांच के लिए SSKM अस्पताल ले जाया गया।
सुवेंदु अधिकारी ने साधा निशाना
सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुरक्षा हटाए जाने के बाद सुमित को कालीघाट स्थित परिसर से गिरफ्तार किया गया।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल हो सकता है नाम
साल्बोनी जमीन घोटाले की जांच में CID पहले ही 14 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें पूर्व तृणमूल विधायक सुजॉय हाजरा समेत चार लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, सुमित रॉय का नाम इस चार्जशीट में नहीं है।
CID ने अदालत को बताया है कि सुमित से पूछताछ जरूरी है और जांच एजेंसी इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करना चाहती है। ऐसे में आगे की जांच के बाद उनका नाम सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल किए जाने की संभावना है।






























