दोपहर 1 से 3 बजे तक कार्यक्रम की अनुमति; अधिकतम 2,000 लोग हो सकेंगे शामिल
कोलकाता : कलकत्ता हाई कोर्ट ने हुगली के श्रीरामपुर स्थित महेश में तृणमूल कांग्रेस की सभा को सशर्त मंजूरी दे दी है। हालांकि, अदालत ने प्रस्तावित जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कार्यक्रम के लिए समय और भीड़ की सीमा समेत कई शर्तें तय की हैं।
तृणमूल कांग्रेस की कालीघाट यूनिट ने 11 सितंबर को महेश में एक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना है। पार्टी की ओर से पहले महेश से श्रीरामपुर कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने और इसके बाद जनसभा करने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। चुंचुड़ा के पूर्व विधायक असित मजूमदार ने प्रस्तावित मार्च के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी। पुलिस ने यह कहते हुए अनुमति देने से इनकार किया कि जुलूस के कारण जीटी रोड पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
इसके बाद कालीघाट तृणमूल यूनिट ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने जुलूस की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन कुछ शर्तों के साथ सभा आयोजित करने की इजाज़त दे दी।
अदालत के आदेश के मुताबिक, महेश के जगन्नाथ देव स्नानपीरी मैदान में सभा आयोजित की जा सकती है। कार्यक्रम का समय दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। साथ ही, सभा में 2,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
इस तरह हाई कोर्ट के आदेश के बाद तृणमूल कांग्रेस की सभा का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन प्रस्तावित विरोध मार्च पर रोक बरकरार रहेगी।
भड़काऊ टिप्पणी से बचने का निर्देश
जस्टिस भट्टाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि सभा के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली या किसी भी तरह की भड़काऊ टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात करे राज्य सरकार
उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही, कालीघाट तृणमूल यूनिट के वॉलंटियर्स के नाम और फोन नंबर वाली सूची गुरुवार रात 8 बजे तक पुलिस को सौंपने का भी निर्देश दिया गया है।
कोलकाता के बाहर पहला राजनीतिक कार्यक्रम
विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी ने अब तक अपने राजनीतिक कार्यक्रम मुख्य रूप से कोलकाता में ही किए हैं। ऐसे में शुक्रवार को श्रीरामपुर में होने वाली उनकी सभा सरकार बदलने के बाद कोलकाता के बाहर उनका पहला राजनीतिक कार्यक्रम होगा।






























