NIA की कार्रवाई के बाद बैंक के तीन अधिकारी जांच के घेरे में, नेपाल कनेक्शन की भी जांच
सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की कैश तिजोरी से करीब 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के नकली नोट गिरोह के संभावित कनेक्शन के संकेत मिलने के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान बैंक के कैश वॉल्ट के प्रभारी मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है।
बैंक की तिजोरी तक कैसे पहुंचे करोड़ों के नकली नोट?
मामला सहारनपुर के सोफिया मार्केट इलाके में स्थित PNB के वॉल्ट से जुड़ा है। यहां इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के नकली नोट बैंक की कैश तिजोरी तक पहुंचे कैसे। जांच एजेंसियां इस सवाल का जवाब तलाश रही हैं।
शुरुआती जांच में NIA को संदेह है कि इस मामले में बैंक के कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले उनकी भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
तीन बैंक अधिकारी जांच के दायरे में
वॉल्ट के प्रभारी मैनेजर की गिरफ्तारी के अलावा बैंक के दो अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ और जांच की जा रही है। इनमें सीनियर डिविजनल मैनेजर रविकुमार कानसेओ का नाम भी शामिल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने इन तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों की सप्लाई, बैंक के वॉल्ट में उनके पहुंचने और पूरे नेटवर्क के बीच क्या संबंध है।
नेपाल कनेक्शन का भी शक
जांच एजेंसी को इस मामले में नेपाल कनेक्शन की भी आशंका है। शुरुआती जांच में ऐसे सुराग मिलने की बात सामने आई है, जिनसे संकेत मिलता है कि नकली करेंसी की सप्लाई में नेपाल या नेपाल सीमा से सक्रिय किसी नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।
NIA इस संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां से आए, उन्हें बैंक की तिजोरी तक किस तरह पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।






























