नई दिल्ली : फिलहाल, GCT पॉलिसी के तहत फाल्ता SEZ को रेल लिंक उपलब्ध कराने के लिए इंडस्ट्री की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह बात पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के लिखित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेल कार्गो को संभालने के लिए अतिरिक्त टर्मिनल बनाने में इंडस्ट्री से निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से ‘गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल’ पॉलिसी शुरू की गई है।
गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCTs) प्राइवेट कंपनियों द्वारा विकसित किए जा रहे हैं और इन्हें गैर-रेलवे ज़मीन या पूरी तरह/आंशिक रूप से रेलवे ज़मीन पर बनाया जा सकता है। GCTs की जगह का फ़ैसला इंडस्ट्री की मांग और कार्गो ट्रैफ़िक की संभावना के आधार पर किया जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष और राज्य सभा के सदस्य शमिक भट्टाचार्य के एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।
क्या है पश्चिम बंगाल की स्थिति
पश्चिम बंगाल में गोकुलपुर, रामकनाली, जनाई रोड, बालुरघाट, अंडाल, सलामपुर और सारगाछी में जीसीटी चालू किए गए हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में रानीनगर जलपाईगुड़ी-1, दुर्गापुर, जक पुर-1, मधुकुंडा-1, मणि ग्राम, वारिया, जेएसडब्ल्यू ब्लॉक केबिन (जेएसडब्ल्यूबी), कुनुरी-1, तपसी-1, मधुकुंडा-2, गोकुल पुर-1, बंश बारिया, तापसी-2, रानी नगर जलपाईगुड़ी-2 में 23 और ब्रेस ब्रिज, पंचरा, जक पुर-2, गोकुल पुर-2, नीमपुरा थ्रू यार्ड, बेरो-1, जक पुर-3, कुनुरी-2 और बेरो-2 जीसीटी के विकास के लिए सैद्धांतिक मंजूरी (आईपीए) दी गई है।





























