ममता बनर्जी के लगभग 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान नवान्न की इमारत के शीर्ष पर लगा नीले रंग का नामपट्ट बदल दिया गया। सोमवार को वहां नीले रंग की जगह भगवा रंग का नया नामपट्ट स्थापित हो गया।
कोलकाता : नीले-सफेद रंग में लिखे ‘नবান ’ नामपट्ट को अब गेरुए रंग में कर दिया गया है।मई महीने में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का प्रभाव इस बार सीधे राज्य प्रशासन के मुख्यालय नवान्न में दिखाई पड़ा। ममता बनर्जी के लगभग 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान नवान्न की इमारत के शीर्ष पर लगा नीले रंग का नामपट्ट बदल दिया गया। सोमवार को वहां नीले रंग की जगह भगवा रंग का नया नामपट्ट स्थापित हो गया। भाजपा के पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद से ही प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में परंपराओं और कार्यप्रणालियों में बदलाव की शुरुआत हो गई थी। अब इस सूची में नवान्न रंग परिवर्तन भी शामिल हो गया।
सत्ता बदलते ही हो गयी थी शुरुआत
सत्ता बदलने के साथ ही विभिन्न स्तरों पर नीले-सफेद रंग की मौजूदगी को हटाए जाने का काम तेज हो गया था। बीजेपी की जीत के बाद नवान्न को रात में भगवा रोशनी में देखा गया था। सोमवार नवान्न के शीर्ष पर लगा नीला पट्ट हटाकर उसकी जगह नया भगवा रंग का नामपट्ट लगा दिया गया।
तृणमूल के जमाने में नीले-सफेद रंग की प्रमुखता
तृणमूल के शासनकाल में पूरे राज्य में नीले-सफेद रंग की प्रमुखता देखने को मिली थी। सरकारी दफ़्तरों, फ्लाईओवरों, थानों से लेकर सड़कों की रेलिंगों और बिजली के खंभों तक—सब कुछ नीले-सफेद रंग में सजाया गया था।
भगवा होगा नवान्न
नया राजनीतिक अध्याय शुरू होते ही रंग बदलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बहुत जल्द विशाल नवान्न भवन भी नीले-सफेद रंग की जगह भगवा रंग में रंगा हुआ नज़र आएगा। सरकार की ओर से भवन के रंग परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन इस बदलाव से स्पष्ट है कि पूरे भवन का रंग बदलने की योजना हो सकती है।































